पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के ऊपरी दक्षिण वजीरिस्तान जिले से सेना के जवानों के बीच मारपीट का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, आसमान मंजा इलाके में पानी भरने को लेकर पाकिस्तानी सेना के अलग-अलग दस्तों के जवानों और खुफिया विभाग से जुड़े अधिकारियों के बीच विवाद हो गया. देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया.
बताया जा रहा है कि यह घटना आसमान मंज़ा ब्रिगेड के सरकारी मुख्यालय के पास हुई. यहां तैनात एसएसजी के जवान, फ्रंटियर कोर के जवान और सादे कपड़ों में मौजूद खुफिया विभाग के अधिकारियों के बीच पानी के टैंकर को लेकर विवाद शुरू हुआ था.
पानी के टैंकर को लेकर शुरू हुआ विवाद
आसमान मंज़ा इलाके में पानी की भारी कमी बताई जाती है. सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों में भी पानी की जरूरत पूरी करने के लिए टैंकरों पर निर्भरता है. रिपोर्ट के अनुसार, जब पानी का टैंकर मुख्यालय पहुंचा तो सबसे पहले पानी भरने को लेकर एसएसजी जवानों और खुफिया विभाग के अधिकारियों के बीच बहस हुई. बहस बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई. कुछ ही देर में फ्रंटियर कोर के जवान भी इस विवाद में शामिल हो गए. इसके बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही.
🚨INTERNAL COLLAPSE IN PAKISTAN ARMY
Elite SSG Commandos, Frontier Corps, and Intelligence officers engaged in a violent, multi-minute brawl inside the Asman Manza Brigade HQ in South Waziristan all over priority access to a daily water tanker.
22 Personnel Injured: Fierce… pic.twitter.com/lL7mcrRwpO
— Shivank Mishra (@shivank_8mishra) September 8, 2026
वीडियो में लात-घूंसे चलाते दिखे जवान
घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है. वीडियो में वर्दी पहने जवानों और सादे कपड़ों में मौजूद लोगों के बीच मारपीट होती दिखाई देती है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लात और घूंसे चलाते नजर आ रहे हैं. बताया गया है कि झगड़ा केवल एक जगह तक सीमित नहीं रहा और मैदान से लेकर मुख्यालय के आसपास तक कुछ समय तक जारी रहा. इस कथित झड़प में करीब 22 जवानों के घायल होने की बात कही जा रही है. हालांकि, घायलों की स्थिति और घटना की पूरी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
इलाके में पानी की गंभीर समस्या
ऊपरी दक्षिण वजीरिस्तान लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे इलाकों में शामिल है. स्थानीय स्तर पर पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों का इस्तेमाल किया जाता है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिले के बड़े हिस्से में नियमित जलापूर्ति की कमी के कारण लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है. इसी पानी की कमी के बीच सरकारी और सुरक्षा प्रतिष्ठानों में भी टैंकर से आने वाले पानी को लेकर दबाव रहता है. ऐसे में पानी पहले भरने को लेकर हुआ विवाद गंभीर झड़प में बदलने की बात सामने आई है.
पाकिस्तानी सेना की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल इस घटना को लेकर पाकिस्तानी सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसलिए जवानों के घायल होने और झड़प की पूरी परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी को रिपोर्ट के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए.
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