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पाकिस्तान के शेयर बाजार में आज यानी 2 मार्च को बड़ी गिरावट रही। KSE-30 इंडेक्स 4,996 अंक (9.73%) गिरकर 46,326 पर बंद हुआ। इससे पहले भारी बिकवाली के चलते मार्केट में 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी यानी लोअर सर्किट लग गया था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ जारी विवाद का सीधा असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा है।

ईरान पर हमलों के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध का खतरा है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पाकिस्तान में ईरान के समर्थन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
रविवार को कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ हुई झड़प में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। देश के बिगड़ते हालातों ने निवेशकों को डरा दिया है।
अफगानिस्तान बॉर्डर पर भी तनाव बढ़ा मिडिल ईस्ट के अलावा पाकिस्तान के अपने पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ भी रिश्ते बिगड़ रहे हैं। सीमा पर बढ़ते तनाव के कारण देश की अर्थव्यवस्था और बाजार पर दबाव बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि जब तक राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर शांति नहीं होती, बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी।
भारत समेत दुनिया भर के बाजारों में सुस्ती पाकिस्तान ही नहीं, आज वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली देखने को मिली। एशियाई बाजारों में औसतन 1.3% की गिरावट रही, जबकि अमेरिकी फ्यूचर्स 0.6% नीचे ट्रेड कर रहे थे। भारतीय शेयर बाजार में भी 1% से ज्यादा की गिरावट है।
एक्सपर्ट की राय: तनाव ने बिगाड़ा खेल कराची स्थित ब्रोकरेज फर्म आरिफ हबीब के इंटरनेशनल इक्विटी सेल्स हेड बिलाल खान ने बताया कि मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति और पाकिस्तान के भीतर हो रहे ईरान समर्थक प्रदर्शनों ने बाजार को पूरी तरह से नीचे धकेल दिया है। हिंसक प्रदर्शनों के चलते विदेशी और स्थानीय निवेशक फिलहाल पैसा निकालने में ही भलाई समझ रहे हैं।
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