पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट पर राष्ट्रीय महासंघ (पीएचएफ) द्वारा लगाया गया दो साल का प्रतिबंध हटा दिया और इस कदम को ‘अवैध और असंवैधानिक’ करार दिया।
पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से ठीक पहले बृहस्पतिवार को तारिक बुगती ने हाल में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कुप्रबंधन के खिलाफ कप्तान के पीएचएफ की आलोचना करने के लिए बट पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया था।
ऑस्ट्रेलिया टूर विवाद
लेकिन पीएचएफ के सरंक्षक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा नियुक्त अंतरिम अध्यक्ष मुहुयदीन अहमद वानी ने इस फैसले को पलट दिया और कहा कि यह बुगती का ‘अवैध और अंसंवैधानिक कदम’ था।
राष्ट्रीय टीम के ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद हुए विवाद के मद्देनजर बुगती ने बृहस्पतिवार को इस्तीफा दे दिया था। ऑस्ट्रेलिया में टीम को ‘लॉजिस्टिक’ की दिक्कतों का सामना करना पड़ा था और उन्हें एयरबीएनबी के घरों में रहना पड़ा था जबकि सरकार द्वारा संचालित पाकिस्तान खेल बोर्ड (पीएसबी) ने कैनबरा में एफआईएच प्रो लीग मैचों के दौरान टीम के पांच सितारा होटल में रहने के लिए पीएचएफ को एक करोड़ रुपये दिए थे।
खेल से जुड़े सभी मामलों को देखने वाली अंतर-प्रांतीय समन्वयक मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने पुष्टिक की कि प्रधानमंत्री शरीफ ने तुरंत बुगती का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और वानी को पीएचएफ का तदर्थ अध्यक्ष और ब्रिगेडियर मुसरतुल्लाह को महानिदेशक नियुक्त किया।
उन्होंने कहा, ‘‘दोनों तदर्थ आधार पर हॉकी के मामलों को देखेंगे और नुकसान को ठीक करने की कोशिश करेंगे। ’’
बुधवार सुबह टीम के घर लौटने के तुरंत बाद बट और कुछ अन्य सीनियर खिलाड़ियों ने हवाई अड्डे पर इंतजार कर रही मीडिया से कहा कि वे पीएचएफ के मौजूदा प्रबंधन और टीम प्रबंधन के साथ आगे काम नहीं कर सकते।
बट ने बताया कि खिलाड़ियों को किस तरह झूठ बोला गया और ऑस्ट्रेलिया में अपनी समस्या के बारे में मीडिया से बात नहीं करने की धमकी दी गई जिसके बाद बुगती ने पाकिस्तान हॉकी को बदनाम करने के लिए बट को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हॉकी से दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
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