इंडियन सिनेमा में पिछले कुछ वर्षों में हॉरर फिल्मों की भाषा तेजी से बदली है। अब केवल डराने वाले सीन नहीं, बल्कि माहौल, लोककथाएं और मनोवैज्ञानिक तनाव भी दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। इसी बदलते दौर में ‘वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ अपने एक्स्ट्रा शूट शेड्यूल को लेकर चर्चा में है। सिद्धार्थ और तमन्ना भाटिया अभिनीत फिल्म ‘वन’ में हॉरर और सस्पेंस का रोमांच बढ़ाने के लिए निर्माताओं ने फिल्म के कुछ प्रमुख हिस्सों को रीशूट करने का फैसला लिया है। फिल्म की टीम ने करीब 10 दिनों की नई शूटिंग का फैसला किया है। यह निर्णय किसी तकनीकी कमी या कहानी में बड़े बदलाव की वजह से नहीं लिया गया, बल्कि इसलिए कि फिल्म के हॉरर, सस्पेंस और खासकर अंतिम हिस्से को और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सके। बताया जा रहा है कि टीम मौजूदा फुटेज से संतुष्ट है, लेकिन उन्हें लगा कि क्लाइमैक्स में कुछ ऐसे अवसर मौजूद हैं जिनसे तनाव और सिनेमाई असर को अगले स्तर तक ले जाया जा सकता है। घने जंगल और लोककथा के जरिए कहानी में पैदा होगा डर निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुनाभ कुमार इस फिल्म को पारंपरिक हॉरर से अलग रूप देना चाहते हैं। फिल्म भारतीय लोककथाओं, जंगलों और रहस्यमयी मान्यताओं से प्रेरित है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कहानी में बिहार के दरभंगा क्षेत्र और छठ पर्व की सांस्कृतिक झलक भी शामिल की गई है। फिल्म में जंगल एक जीवंत किरदार की तरह काम करेगा सूत्रों के अनुसार फिल्म में जंगल एक जीवंत किरदार की तरह काम करेगा। कई हिस्सों की शूटिंग वास्तविक लोकेशनों पर और सीमित कृत्रिम रोशनी के बीच की गई है ताकि सीन्स ज्यादा वास्तविक और रहस्यमयी महसूस हों। मेकर्स का फोकस ऐसे अनुभव पर है जहां हर आवाज और हर छाया कहानी का हिस्सा लगे। फाइनल कट के बाद टीम को लगा कुछ कमी रह गई है बताया जा रहा है कि फाइनल कट देखने के बाद टीम को लगा कि अंतिम हिस्से में तनाव और भावनात्मक असर को और बढ़ाया जा सकता है। इसी वजह से कुछ हॉरर सीक्वेंस और क्लाइमैक्स वाले विजुअल्स पर दोबारा काम किया जा रहा है। यह प्रक्रिया बड़े स्केल की फिल्मों में अक्सर अपनाई जाती है ताकि दर्शकों को ज्यादा इमर्सिव अनुभव मिल सके। वीएफएक्स के साथ बनेगा नया सिनेमैटिक यूनिवर्स फिल्म में वीएफएक्स और प्रैक्टिकल इफेक्ट्स दोनों का मेल रखा गया है ताकि स्क्रीन पर कृत्रिमता कम लगे। रिलीज से पहले ‘द लीजेंड ऑफ वन’ नाम की कॉमिक बुक भी लाई गई है, जिससे संकेत मिलता है कि निर्माता इसे सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि बड़े सिनेमैटिक यूनिवर्स की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं। नए शूट के बावजूद निर्माता रिलीज को प्रभावित नहीं करेंगे फिलहाल फिल्म की प्रस्तावित रिलीज अगस्त 2028 बताई जा रही है। नए शूट के बावजूद निर्माता रिलीज टाइमलाइन को प्रभावित नहीं करना चाहते। आने वाले महीनों में पोस्ट-प्रोडक्शन, साउंड डिजाइन, बैकग्राउंड स्कोर और विजुअल इफेक्ट्स पर बड़े स्तर पर काम जारी रहेगा, क्योंकि इस तरह की फिल्मों में अंतिम अनुभव काफी हद तक एडिटिंग और साउंड पर निर्भर करता है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि फोक-हॉरर शैली के लिए नया रेफरेंस भी होगी।
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