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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रक और बस को बदलने की योजना को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत उन ट्रकों और बसों मालिकों को बीएस-6 या उससे सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन पालन करने वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है जो बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं।
योजना के तहत केंद्र सरकार पांच साल के लिए ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहनों की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी।
चंद्रा ने कहा कि इससे पुराने वाणिज्यिक वाहनों के मालिकों को इस कार्यक्रम का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
भारी वाणिज्यिक वाहन विनिर्माताओं ने कहा कि यह योजना बेड़े के आधुनिकीकरण में तेजी लाने के साथ-साथ पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में भी मददगार है।
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वीई कमर्शियल व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी बी. श्रीनिवास ने कहा, ‘‘हम दिल्ली-एनसीआर के लिए वाहन प्रतिस्थापित करने की योजना को मंजूरी देने के लिए सरकार की सराहना करते हैं। यह ट्रकों और बसों के बेड़े के आधुनिकीकरण में तेजी लाने के साथ-साथ क्षेत्र की सबसे गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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