Odisha Civil Services Exam: ओडिशा सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा में 6 अटैम्प्ट की सीमा समाप्त कर दी है। साथ ही, ओपीएससी व अन्य सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी गई है।
क्या हैं कैबिनेट के प्रमुख फैसले?
अटैम्प्ट सीमा समाप्त: पहले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम 6 प्रयास ही मिलते थे। अब इस बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। अभ्यर्थी जब तक अपनी निर्धारित आयु सीमा के भीतर हैं, वे जितनी बार चाहें उतनी बार परीक्षा दे सकते हैं।
अधिकतम आयु सीमा में छूट: सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा जो पहले 32/38 वर्ष हुआ करती थी, उसे बढ़ाकर स्थायी रूप से 42 वर्ष कर दिया गया है।
आरक्षित वर्गों को अतिरिक्त राहत: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC/SEBC), महिलाओं और पूर्व सैनिकों को नियमानुसार आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलती रहेगी, जिससे वे 47 वर्ष की आयु तक परीक्षा में बैठ सकेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
राज्य सरकार के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कोविड-19 महामारी, तकनीकी बदलावों और परीक्षाओं के टलने के कारण कई अभ्यर्थियों के प्रयास और आयु खत्म हो गए थे। इसके अलावा, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कई अन्य राज्यों में प्रयासों और आयु को लेकर अभ्यर्थियों को राहत दी जाती रही है।
ओडिशा के छात्रों की लंबे समय से मांग थी कि उन्हें भी अपनी प्रतिभा साबित करने के पर्याप्त अवसर दिए जाएं। इस निर्णय से उन अभ्यर्थियों को दूसरा मौका मिलेगा जो आयु सीमा या सीमित अवसरों की वजह से सफलता से चूक गए थे। सरकार के इस कदम से राज्य के उन हजारों युवाओं में खुशी देखने को मिल रही है जो पिछले कुछ समय से आयु या अटैम्प्ट खत्म होने की वजह से निराश हो चुके थे। अब 42 वर्ष की आयु तक बिना अटैम्प्ट की चिंता किए छात्र सिविल सेवक बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए फिर से तैयारी में जुट सकते हैं।
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