क्या आपने कभी सुना है किराए पर पति मिलते हैं? सुनने में ये काफी अजीब लग रहा है लेकिन यूरोप के एक देश में इस सर्विस से कई महिलाएं काफी खुश हैं। चलिए आपको रेंटल हस्बैंड की पूरी जानकारी देते हैं।
यूरोप का कौन सा देश
उत्तरी यूरोप के बाल्टिक क्षेत्र में स्थित देश लातविया (Latvia) में एक घंटे के हिसाब से पति किराए पर मिलते हैं। यह सर्विस पूरी तरह से पेड होती हैं और इसमें कोई प्यार, शादी, रिश्ता या फिर कमिटमेंट जैसी चीजें नहीं होती हैं। इस सर्विस में कुछ ही घंटों के लिए पति को हायर किया जा सकता है।
इस सर्विस में क्या होता है
हस्बैंड फॉर एन ऑवर पूरी तरह से प्रोफेशनल सर्विस है, जिसमें सभी आदमियों को घर के काम करने की ट्रेनिंग दी जाती है। लातविया में ज्यादातर महिलाएं अकेले रहती हैं और ऐसे में उन्हें घर के बेसिक कामों जैसे नल ठीक करना, पानी भरना, पाइप सही करना, पर्दे टांगना, मरम्मत का काम करने के लिए मर्दों की जरूरत पड़ती है। इन कामों के लिए महिलाएं 1 या 2 घंटे के लिए किसी भी आदमी को हायर कर सकती हैं। काम पूरा हो जाने के बाद पैसे दिए जाते हैं और फिर सर्विस खत्म। ऐसे समझ लीजिए कि ऐप के जरिए किसी आदमी को घर के कामों के लिए बुक किया, वह आया उसने काम पूरा किया और आपने पेमेंट कर दी।
महिलाएं सर्विस को कर रही पसंद
लातविया में Komanda24 और Remontdarbi.lv जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इस तरह की सुविधा को उपलब्ध कराते हैं और इनके जरिए ही बुकिंग हो सकती है। महिलाओं के बीच ये ट्रेंड काफी पॉपुलर हो चुका है और औरतों को ये पसंद भी आ रहा है। खासतौर पर सिंगल मदर, वर्किंग या फिर बूढ़ी औरतों के लिए ये सर्विस काफी मददगार साबित हो रही है।
रेंटिंग हस्बैंड की क्या है वजह
बता दें यूरोप के लातविया देश में औरतों की अपेक्षा पुरुषों की जनसंख्या काफी कम है। यहां पर महिलाओं की तुलना में पुरुष लगभग 15.5% तक कम है और यही कारण है कि घर के भारी-भरकम काम के लिए यह देश ‘husband for an hour’ जैसी सर्विस दे रहा है।
कहां से शुरू हुआ ये कॉन्सेप्ट
साल 2022 में लौरा यंग नाम की महिला ने अपने पति को दूसरों के घर के छोटे-मोटे कामों के लिए किराए पर भेजना शुरू किया, जिससे घर में कुछ पैसे आ सके। तभी से ये कॉन्सेप्ट काफी वायरल हुआ और कई महिलाओं ने इसे पसंद भी किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लौरा के पति जेम्स आधे दिन के 44 डॉलर यानी 4 हजार रुपये की कमाई करते थे और पूरे दिन के 280 डॉलर यानी 27 हजार रुपये कमा लेते थे। ऐसे आदमियों के लिए ये सर्विस कमाई का जरिया बन गई और औरतों के लिए सुविधा। अब लातविया में ये सर्विस हर कोई अपना रहा है और कई पुरुष काम की तलाश में भी इस देश में आकर बसने लगे हैं।
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