नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बुधवार को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिलहाल टोल की वसूली को अस्थाई रूप से बंद करने का फैसला किया है। NHAI ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के बार-बार धंसने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ये फैसला किया है। अथॉरिटी ने कहा कि फिलहाल लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से गुजरने वाली गाड़ियों से टोल नहीं लिया जाएगा, जब तक कि रिपेयरिंग का पूरा काम नहीं हो जाता।
रियायतग्राही के खिलाफ कार्रवाई शुरू
एनएचएआई ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के संबंध में रियायतग्राही (Concessionaire), इंडिपेंडेंट इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की है। प्रभावित हिस्से को जल्द से जल्द शुरू करने और क्वालिटी एश्योरेंस सिस्टम को और मजबूत करने के लिए तत्काल जरूरी सुधारात्मक उपाय भी शुरू कर दिए गए हैं। फिलहाल, एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से पर ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है और यातायात बिना किसी समस्या के सामान्य गति से चल रहा है।
26 जुलाई को एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 64 के पास देखा गया था धंसाव
बताते चलें कि पिछले महीने 26 जुलाई को एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 64 के पास धंसाव देखा गया था। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एनएचएआई ने बहाली का काम शुरू किया और प्रभावित हिस्से की टेक्निकल टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन और पर्यवेक्षण में पाई गई कमियों के लिए जिम्मेदार सभी संबंधित पक्षों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
रियायतग्राही को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने के लिए नोटिस जारी
एनएचएआई ने इस पूरे मामले में रियायतग्राही M/s पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर घोषित किए जाने का प्रस्ताव करते हुए नोटिस जारी किया है। इसके तहत रियायतग्राही भविष्य में एनएचएआई प्रोजेक्ट के टेंडर में हिस्सा नहीं ले पाएगा। इसके साथ ही, रियायतग्राही को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही अन्य कार्रवाई भी की जा रही है।
- रियायतग्राही पर परफॉर्मेंस सिक्यॉरिटी का 2% के बराबर जुर्माना लगाया जाएगा।
- हेड ऑफ पेवमेंट/हाईवे और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अधिकतम 3 साल तक के लिए प्रतिबंध की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
- रियायतग्राही की रेटिंग (पेवमेंट कंडीशन इंडेक्स) को डाउनग्रेड किया जाएगा।
रियायतग्राही को अपने पैसों से करना होगा मरम्मत का सारा काम
इसके अलावा, NHAI ने रियायतग्राही को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस पर अभी तक के प्रभावित हिस्से का लगभग 3 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरा सुधार कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसका पूरा खर्च रियायतग्राही खुद उठाएगा। सुधार कार्य का काम पूरा होने तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों से टोल नहीं लिया जाएगा। टोल रेवेन्यू में होने वाले पूरे नुकसान की वसूली रियायतग्राही से की जाएगी।
लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ एनएचएआई की कार्रवाई
एनएचएआई ने प्रोजेक्ट की निगरानी और सुपरविजन में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। कंस्ट्रक्शन एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया है। इसके साथ ही, उन्हें 2 साल अवधि के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), एनएचएआई और नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के किसी भी प्रोजेक्ट में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इसके अलावा, मौजूदा प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापिस भेज दिया गया है। इसके साथ ही, प्रोजेक्ट के पूर्व डायरेक्टर सौरभ चौरसिया, जिनके कार्यकाल के दौरान प्रोजेक्ट का ज्यादातर काम हुआ और मौजूदा प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा के खिलाफ अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में लापरवाही बरतने के संबंध में आरोप-पत्र जारी किया जा रहा है।
M/s थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को डिबारमेंट नोटिस जारी
एनएचएआई ने प्रोजेक्ट के इंडीपेंडेंट इंजीनियर M/s थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी भविष्य में एनएचएआई प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित किए जाने का प्रस्ताव करते हुए डिबारमेंट नोटिस जारी किया जा रहा है।
लेजर प्रोफिलोमीटर आधारित मूल्यांकन और विशेषज्ञ जांच
व्यापक सुधारात्मक उपायों के अंतर्गत एनएचएआई प्रोजेक्ट के पूरे हिस्से में पेवमेंट की स्थिति का विस्तृत आकलन करने के लिए लेजर प्रोफिलोमीटर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है। IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के. एस. रेड्डी के नेतृत्व में पेवमेंट एक्सपर्ट्स की एक टीम को विस्तृत टेक्निकल जांच करने के लिए नियुक्त किया गया है। एक्सपर्ट कमेटी घटना के मूल कारणों का परीक्षण करेगी और उपयुक्त सुधारात्मक उपायों की अनुशंसा करेगी।
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