वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत का मध्यम वर्ग देश की आर्थिक वृद्धि का मुख्य इंजन है और लगभग 500 शहर देश के नए आर्थिक गतिविधि केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
फ्रांस के प्रमुख आर्थिक मंच ‘रॉन्कोंट्रेस इकॉनमिक द ऐक्स-एन-प्रोवेन्स’ में ‘नए मध्यम वर्ग के उदय को कैसे बढ़ावा दिया जाए’ विषय पर आयोजित चर्चा में सीतारमण ने कहा कि वर्तमान में भारत की लगभग 31 प्रतिशत आबादी मध्यम वर्ग में शामिल है।
उन्होंने बताया कि भारत में आर्थिक उदारीकरण के बाद से मध्यम वर्ग सालाना आधार पर लगभग 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘भारत में कुल खर्च का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा मध्यम वर्ग और अपेक्षाकृत संपन्न उपभोक्ताओं द्वारा किया जाता है। यह वर्ग केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में भी तेजी से फैल रहा है।’’
उन्होंने कहा कि इसलिए, संपत्ति का वितरण अपने-आप ही महानगरों से आगे के शहरों तक फैलता हुआ दिखाई देता है।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘इसलिए हम मानते हैं कि मध्यम वर्ग मात्र वृद्धि का लाभार्थी नहीं बल्कि असल में वृद्धि का इंजन है। उनकी खपत ही अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रही है।’’
उन्होंने ओईसीडी अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि सरकार की विभिन्न नीतियों के चलते भारत वर्ष 2030 से 2035 के बीच मध्यम वर्ग की जनसंख्या के मामले में चीन से आगे निकल सकता है।
मंत्री ने कहा कोविड-19 के बाद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जिसका प्रमुख कारण घरेलू मांग और मध्यम वर्ग की खपत है। इसी कारण लगभग 500 शहर नए आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित हो सकते हैं।
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