अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के टाइम्स स्क्वायर में हजारों लोगों ने योग किया। दुनिया के सबसे व्यस्त चौराहों में गिने जाने वाले इस स्थान पर अलग-अलग देशों और समुदायों के लोग योग करने के लिए जुटे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु माने जाने वाले एचआर नागेंद्र भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस साल योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ और लंबी उम्र के लिए योग’ है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार 12 हजार से ज्यादा लोगों ने कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। प्रतिभागियों ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर योग करना एक अनोखा अनुभव है और इससे लोगों को शांति का एहसास होता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से दुनिया के कई देशों में हर साल बड़े पैमाने पर योग दिवस मनाया जाता है। न्यूयॉर्क में योग गुरु एचआर नागेंद्र का ध्यान सत्र अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित इंडियन कॉन्सुलेट में योग गुरु एच आर. नागेंन्द्र के नेतृत्व में विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया। योग गुरु नागेंद्र ने ध्यान कराया और बताया कि ध्यान मन की शांति, मानसिक स्पष्टता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और श्वास के बीच संतुलन स्थापित करता है, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। कॉन्सुल जनरल बोले- अमेरिका में योग की लोकप्रियता बढ़ रही भारत के कॉन्सुल जनरल बिनय प्रधान ने कहा कि अमेरिका में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जिसका प्रमाण योग केंद्रों और कार्यक्रमों में बढ़ती भागीदारी है। उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के लिए भारत के प्रधानमंत्री का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था और आज यह 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है। यह कार्यक्रम इंडियन कॉन्सुलेट और उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन (RANA) के सहयोग से हुआ। इसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, योग संस्थानों, आध्यात्मिक संगठनों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात, सर्बिया, नेपाल, रोमानिया और मलेशिया के राजनयिकों समेत कई देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम योग और ध्यान के जरिए देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने में मदद करते हैं।
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