नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद गुजरात के लापता लोगों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। इनमें राज्य के कई प्रवासी भारतीय (एनआरआई) भी शामिल हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने फंसे लोगों का पता लगाने और उन्हें सहायता पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार तथा विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय तेज कर दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की ओर से जारी अद्यतन सूची में पहले लापता बताए गए 17 लोगों के अलावा नौ और नाम जोड़े गए हैं। इनमें से कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग या नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास यात्रा कर रहे थे।
एसईओसी के अनुसार, लापता लोगों में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में रहने वाले एनआरआई भी शामिल हैं। इन लोगों का संबंध अहमदाबाद, आनंद, राजकोट, वलसाड, सूरत, खेड़ा, अमरेली, गांधीनगर और वडोदरा से है। सूची के मुताबिक, अहमदाबाद से पांच लोग लापता हैं, जिनमें तीन अमेरिकी और दो कनाडाई नागरिक हैं।
आनंद से पांच लोग हैं, जिनमें तीन अमेरिकी और दो कनाडाई नागरिक हैं। सूरत से तीन लोग हैं, जिनमें दो अमेरिकी नागरिक और मुंबई का एक निवासी शामिल है। खेड़ा से तीन लोग लापता हैं, जिनमें एक अमेरिकी और दो कनाडाई नागरिक हैं।
राजकोट और वलसाड से एक-एक व्यक्ति लापता है। गांधीनगर से चार लोग लापता हैं, जिनमें तीन अमेरिकी और एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। अमरेली से दो लोग लापता हैं, जिनमें एक अमेरिकी नागरिक है।
वडोदरा से दो लोग लापता हैं और दोनों न्यूजीलैंड के नागरिक हैं। बयान के अनुसार, लापता पर्यटकों में से कई नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा कर रहे थे। कुछ अन्य लोगों के बारे में आखिरी जानकारी फ्रेंडशिप ब्रिज तथा रसुवागढ़ी-केरुंग सीमा क्षेत्र या बागमती क्षेत्र के आसपास होने की मिली थी।
गुजरात के मंत्री जीतू वाघाणी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित गुजरातियों और अन्य भारतीय नागरिकों की मदद के लिए केंद्र सरकार तथा विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य प्रशासन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं और लापता लोगों से संबंधित सभी जानकारी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। वाघाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शाह नेपाल सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा गुजरात सरकार राज्य के लोगों और उनके परिवारों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभिन्न जिलों में हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। परेशानी का सामना कर रहे या अपने परिजनों के बारे में जानकारी चाहने वाले लोग राज्य नियंत्रण कक्ष या संबंधित जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
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