नेपाल में भीषण बाढ़ के करीब चार सप्ताह बाद भी करीब 6,000 लापता लोगों की तलाश जारी है। बाढ़ में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई।
हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में बाढ़ से मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा। चीनी मीडिया के अनुसार, बाढ़ में चीन की ओर भी 43 लोगों की मौत हुई है जबकि 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। नेपाल में तलाश अभियान रसुवा और आसपास के जिलों में नदी के किनारे के इलाकों, मलबे से भरे स्थानों और क्षतिग्रस्त जलविद्युत परियोजनाओं में जारी है।
रसुवा में अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग से बचावकर्मियों ने 17 शव बरामद किए हैं। नेपाली सेना के अनुसार, ये शव लोहे की जाली में फंसे हुए थे और कीचड़ में दबे थे। उन्हें निकालने के लिए बचावकर्मियों ने ग्राइंडर, गैस कटर और रोटरी उपकरणों का इस्तेमाल किया।
इस महीने की शुरुआत में, नेपाल सेना के एक फ़ील्ड कमांडर ने कहा कि मलबे की मात्रा और हालत को देखते हुए, प्रभावित कुछ सुरंगों से मलबा हटाने में तीन से चार महीने लग सकते हैं। इस आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्र के बड़े हिस्से में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से लोगों को अब भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब 1,300 शवों के डीएनए नमूने लेने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से दफना दिया गया है।
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