नीट यूजी काउंसलिंग में बड़ा बदलाव हुआ है। अब यदि कोई उम्मीदवार अगले राउंड के लिए अपनी सीट अपग्रेड करना चाहता है, तो उसे व्यक्तिगत रूप से कॉलेज जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
ऑनलाइन विड्रॉल ऑप्शन
एक और अहम बदलाव ऑनलाइन विड्रॉल ऑप्शन की शुरुआत है। उम्मीदवार अब तय समय-सीमा के अंदर MCC काउंसलिंग पोर्टल के जरिए अपनी अलॉटेड सीट से अपना नाम वापस ले सकते हैं, इसके लिए उन्हें अलॉटेड इंस्टिट्यूशन जाने की जरूरत नहीं होगी।
यह भी कहा गया है कि जो लोग डीम्ड यूनिवर्सिटीज में NRI रिजर्वेशन का फायदा उठाना चाहते हैं, वे काउंसलिंग पोर्टल के जरिए अपने डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। इन बदलावों को आसानी से लागू करने के लिए, MCC सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स (जिनमें मेडिकल इंस्टिट्यूशन भी शामिल हैं) के लिए ओरिएंटेशन और कैपेसिटी-बिल्डिंग प्रोग्राम आयोजित कर रहा है।
तीन बड़े बदलाव
- ऑनलाइन अपग्रेडेशन- पहले राउंड में कॉलेज मिलने पर यदि आप बेहतर कॉलेज के लिए अपग्रेड करना चाहते हैं, तो अब आपको कॉलेज जाकर फिजिकली रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए अब ऑनलाइन अपग्रेडेशन की सुविधा मिलेगी।
2. ऑनलाइन सीट रेजिग्नेशन: यदि आप आवंटित सीट छोड़ना या अपना एडमिशन रद्द कराना चाहते हैं, तो पहले की तरह दोबारा कॉलेज जाने के बजाय अब आप ऑनलाइन भी रिजाइन कर सकते हैं।
3. NRI छात्रों के लिए ऑनलाइन दस्तावेज जमा करना
NRI विद्यार्थियों को अपने दस्तावेज़ जमा करने के लिए कहीं व्यक्तिगत रूप से जाने की ज़रूरत नहीं होगी, वे ऑनलाइन डॉक्यूमेंट सबमिट कर सकेंगे।
एक MBBS सीट के 8 दावेदार
अब देश के लाखों विद्यार्थियों को मेडिकल दाखिले के लिए ऑल इंडिया कोटा एमसीसी काउंसलिंग और स्टेट काउंसलिंग के शुरू होने का इंतजार है। इस वर्ष नीट यूजी परीक्षा करीब 11.21 लाख विद्यार्थियों ने पास की है। इनके लिए देश में एमबीबीएस की महज 136939 सीटें हैं। यानी एक सीट के करीब 8 दावेदार हैं। नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने और मौजूदा कॉलेजों में सीट बढ़ने से वर्ष 2026-27 के शिक्षण सत्र के लिए देश में एमबीबीएस की 9911 नई सीटें बढ़ी हैं। 25 नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं। बढ़ाई गई सीटों में 2111 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों और 7800 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में जोड़ी गई हैं। कुल मिलाकर अब देश में 823 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई होगी, जिनमें 441 सरकारी और 382 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। आयोग ने मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया कि वे केवल उतनी ही सीट पर दाखिला लें जितने की मंजूरी प्राप्त है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 2,111 सीटें बढ़ी हैं और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में कुल 7,800 सीटें बढ़ी हैं। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए पूरे भारत में कुल मिलाकर 9,911 MBBS सीटों की वृद्धि हुई है। इनमें 25 नए स्थापित मेडिकल कॉलेजों की 2,400 सीटें भी शामिल हैं (सरकारी में 400 सीटें और प्राइवेट में 2,000 सीटें)।
कैसे होगा एमबीबीएस में दाखिला, समझें पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया
देश के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस दाखिले के समय दो समानांतर प्रणालियां राष्ट्रीय और राज्य कोटा काम करती हैं। परीक्षा के उलट, काउंसलिंग की कोई एक प्रक्रिया नहीं होती है। एडमिशन अलग-अलग नेशनल और स्टेट-लेवल सिस्टम के जरिए होते हैं, और अलग-अलग अथॉरिटीज सीटों की अलग-अलग कैटेगरीज को संभालती हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ हेल्थ सर्विसेज़ (DGHS) के अधीन काम करने वाली मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC), सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 15 प्रतिशत ‘ऑल इंडिया कोटा’ सीटों के लिए काउंसलिंग कराती है। यह सेंट्रल यूनिवर्सिटीज़, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ (AIIMS), जवाहरलाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER), डीम्ड यूनिवर्सिटीज़, एम्प्लॉईज़ स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) के संस्थानों और आर्म्ड फोर्सेज़ मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे में 100 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन की प्रक्रिया भी संभालती है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बाकी बची 85 प्रतिशत ‘स्टेट कोटा’ सीटों को संबंधित राज्यों की काउंसलिंग अथॉरिटीज भरती हैं। ये अथॉरिटीज अपने-अपने राज्यों के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में भी एडमिशन की प्रक्रिया कराती हैं। नतीजतन, जो उम्मीदवार ‘ऑल इंडिया कोटा’ और ‘स्टेट कोटा’ दोनों तरह की सीटों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें आमतौर पर MCC पोर्टल के साथ-साथ अपने संबंधित राज्य के काउंसलिंग पोर्टल पर भी अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है।
कौन ले सकेगा नीट काउंसलिंग में हिस्सा
उम्मीदवारों को अपनी कैटगरी के लिए निर्धारित न्यूनतम क्वालिफाइंग परसेंटाइल प्राप्त करके नीट यूजी पास करना अनिवार्य है। आमतौर पर जनरल और ईडब्ल्यूएस के उम्मीदवारों के लिए 50वां परसेंटाइल और एससी/एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उम्मीदवारों के लिए 40वां परसेंटाइल होता है।
किस तरह काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी होगी
1. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित करती है। यह केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एम्स, जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, डीम्ड विश्वविद्यालयों आदि की 100 प्रतिशत सीटों पर दाखिले संभालती है।
2. सरकारी मेडिकल कॉलेजों की शेष 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटें राज्य काउंसलिंग अधिकारियों द्वारा भरी जाती हैं। ये अधिकारी अपने संबंधित राज्यों के तहत आने वाले निजी (प्राइवेट) मेडिकल कॉलेजों के लिए भी दाखिले आयोजित करते हैं। यानी जो उम्मीदवार ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा दोनों सीटों के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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