NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने बुधवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है। वह लातूर के रहने वाले हैं। डॉ. मनोज ने एक कोचिंग सेंटर के मालिक (जो खुद भी आरोपी है) के बेटे सहित तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के क्वेश्चन पेपर दिलाए थे। वहीं पकड़ा गया दूसरा आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है। वह पुणे स्थित एक कोचिंग सेंटर डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स का फैकल्टी है। उसे NEET UG 2026 परीक्षा के लीक हुए फिजिक्स के क्वेश्चन गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार से मिले थे। इस मामले में पूरी कड़ी और साजिश का पता लगाने के लिए जांच जारी है। CBI ने अब तक अलग-अलग जगहों पर 49 स्थानों पर तलाशी ली है और कई अहम दस्तावेज़, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। खुलासा- नीट का पेपर 5 राज्यों में बिका सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि नीट का पेपर 5 राज्यों में बिका था। सबसे ज्यादा बिक्री महाराष्ट्र में हुई और दूसरा नंबर राजस्थान का है। सीबीआई का कहना है कि बाद पेपर लीक का मामला और बड़ा निकल सकता है। एजेंसी अभी यह तय नहीं कर पा रही कि कितने छात्रों ने पेपर खरीदा था। सीबीआई को महाराष्ट्र और राजस्थान में पेपर के प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत मिले हैं। पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र था। यहीं से राजस्थान और दूसरे राज्यों के छात्रों तक ‘क्वेश्चन बैंक’ पहुंचा। CBI पैसे देने वालों की लिस्ट बना रही जांच एजेंसी अब उन सभी पेरेंट्स की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से शिवराज मोटेगांवकर, पी.वी. कुलकर्णी या उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे (पुणे) के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अलावा बाहर के कुछ किरदार अभी शक के दायरे में हैं। सीबीआई जल्द ही दूसरे राज्यों में छापेमारी करेगी। फीस रिफंड के लिए लास्ट डेट 27 मई NTA ने शुक्रवार को NEET-UG 2026 कैंडिडेट के लिए एक खास पोर्टल खोला है, ताकि वे इस महीने की शुरुआत में एंट्रेंस एग्जाम कैंसिल होने के बाद एग्जाम फीस रिफंड के लिए अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स जमा कर सकें। बैंक अकाउंट डिटेल्स जमा करने की सुविधा 22 मई से 27 मई (रात 11:50 बजे तक) तक रहेगी। अब तक 11 गिरफ्तार, सबसे ज्यादा 7 महाराष्ट्र से 3 मई को हुई परीक्षा 12 मई को रद्द NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… NTA बोला- NEET पेपर हमारे सिस्टम से लीक नहीं हुआ:संसदीय समिति ने पूछा- फिर दोबारा एग्जाम क्यों NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर संसद की स्थायी समिति की बैठक हुई। इसमें NEET परीक्षा कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारी भी मौजूद रहे। NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा कि NEET का पेपर उनके सिस्टम से लीक नहीं हुआ था और मामले की जांच CBI कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…
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