28 वर्षीय नीरज चोपड़ा ने पिछले साल दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर का थ्रो किया था। उन्होंने करियर में पहली बार 90 मीटर का बहुप्रतीक्षित आंकड़ा पार किया। हालांकि, नीरज की किसी भी चैंपियनशिप में पहली प्राथमिकता गोल्ड जीतना होती है जबकि थ्रो की दूरी उसके बाद आती है। वह मानते हैं कि मौसम और अन्य बाहरी परिस्थितियां भाला फेंक प्रतियोगिताओं को काफी प्रभावित करती हैं इसलिए केवल लंबी दूरी नहीं बल्कि निरंतर अच्छा प्रदर्शन भी उतना ही अहम है।
नीरज चोपड़ा हर प्रतियोगिता में 90 मीटर का आंकड़ा पार करने को लेकर ‘जुनूनी’ नहीं हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उतरने से पहले एक सवाल के जवाब में कहा, ”नहीं, मुझे ऐसा कोई दबाव महसूस नहीं होता और ना ही मैं किसी खास दूरी को लेकर जुनूनी हूं। एक खिलाड़ी के रूप में मेरा लक्ष्य हमेशा अपनी दूरी में सुधार करना होता है।”
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