UAE में ड्रग्स के मामलों में जेल की सजा काटकर भारत डिपोर्ट हुए कुछ लोगों ने यहां लौटने के बाद फिर से नशे का नेटवर्क खड़ा कर लिया. बेंगलुरु से केरल तक फैले इस कोकीन तस्करी नेटवर्क पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें UAE से डिपोर्ट होकर भारत लौटे 3 लोग और 2 विदेशी नागरिक भी शामिल है.
NCB की कोच्चि जोनल यूनिट ने इस कार्रवाई को ऑपरेशन DOMINO नाम दिया है. कार्रवाई के दौरान कुल 33.1 ग्राम कोकीन बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 16.55 लाख रुपये बताई गई है. NCB को जानकारी मिली थी कि UAE में ड्रग्स से जुड़े मामलों में कार्रवाई का सामना कर चुके कुछ लोग भारत लौटने के बाद दोबारा नशे के कारोबार से जुड़ गए है. इसके बाद एजेंसी ने उनकी गतिविधियों और बेंगलुरु-केरल के बीच चल रहे ड्रग नेटवर्क पर नजर रखनी शुरू की.
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NCB ने आरोपियों को कब पकड़ा ?
NCB ने 10 सितंबर 2026 को फरोके रेलवे स्टेशन, कोझिकोड में गुरप्रीत सिंह निवासी कपूरथला, पंजाब, हमदान अहमद निवासी बेपोर (नॉर्थ), कोझिकोड और अफलाह पी निवासी अरक्किनार, कोझिकोड को पकड़ा. तलाशी के दौरान इनके पास से 8.12 ग्राम कोकीन बरामद हुई. पूछताछ में सामने आया कि ये कोकीन बेंगलुरु से मंगाई गई थी. इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान NCB को सिद्धार्थ डामोर के बारे में जानकारी मिली. उसे भी 10 सितंबर को तिरुवनंतपुरम से कोझिकोड जाते समय पकड़ा गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया.
NCB की तरफ से जुटाई गई जानकारी
NCB के मुताबिक सिद्धार्थ डामोर केरल के पार्टी सर्किट से जुड़ा एक उभरता हुआ DJ है और नीलगिरी के ऊटी में एक रिजॉर्ट भी चलाता है. पूछताछ आगे बढ़ी तो इस नेटवर्क की एक और अहम कड़ी अरुण राजकुमार तक पहुंची. तमिलनाडु का रहने वाला और बेंगलुरु में IT सेक्टर में काम करने वाला अरुण राजकुमार कथित तौर पर नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहा था. NCB के मुताबिक वो कुछ विदेशी नागरिकों से कोकीन हासिल करता था और फिर उसे दूसरे पेडलरों और ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करता था. सिद्धार्थ और अरुण से पूछताछ के बाद NCB को नेटवर्क में शामिल दो विदेशी नागरिकों के बारे में पता चला.
NCB ने नाइजीरियाई नागरिक को पकड़ा
NCB ने 12 सितंबर को बेंगलुरु से चिजोबा हेलन एंथनी उर्फ सोनिया, नाइजीरियाई नागरिक को पकड़ा. एजेंसी के मुताबिक वो मेडिकल अटेंडेंट वीजा पर भारत आई थी और पिछले करीब 10 साल से वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद भारत में रह रही थी. उसके कब्जे से 16 ग्राम कोकीन बरामद होने का दावा NCB ने किया है. इसके बाद 13 सितंबर को बेंगलुरु से मुफुकारे विट्टालिस तादिस्वानाशे, जिम्बाब्वे के नागरिक को पकड़ा गया. वो स्टूडेंट वीजा पर भारत आया था और करीब दो साल से ओवरस्टे कर रहा था. उसके पास से 8.98 ग्राम कोकीन बरामद हुई.
जांच में NCB को क्या पता चला?
जांच में NCB को ये भी पता चला कि सिद्धार्थ डामोर, हमदान अहमद और अफलाह पी पहले UAE में ड्रग्स से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए थे और जेल में रह चुके है. इसके बाद में उन्हें भारत डिपोर्ट कर दिया गया था. NCB के मुताबिक जेल में रहने के दौरान अफलाह, गुरप्रीत और सिद्धार्थ एक-दूसरे के संपर्क में आए. भारत लौटने के बाद इन लोगों ने कथित तौर पर ड्रग तस्करी का नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश की.NCB अब इस नेटवर्क की बाकी कड़ियों का पता लगाने में जुटी है..एजेंसी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कोकीन की सप्लाई कहां से होती थी, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरे नेटवर्क में कितने अन्य लोग जुड़े हुए है. NCB का कहना है कि नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों की जांच जारी है और बाकी लिंक को भी तोड़ने की कोशिश की जा रही है.
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