स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की जम्मू इकाई ने बुधवार को बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक अभियान में सीमा पार से हेरोइन की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर, 5.16 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया और गिरोह के संदिग्ध सरगना सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एनसीबी के प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को मिली एक विशेष खुफिया सूचना के आधार पर जम्मू के मध्य क्षेत्र पंजतीर्थी में एक वाहन को रोका गया। वाहन में सवार दो लोगों के पास से करोड़ों रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की गई।
दोनों उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के रहने वाले हैं। प्रवक्ता ने बताया कि बारामूला के एक और निवासी के बारे में मिली अहम जानकारी के आधार पर तुरंत आगे की कार्रवाई शुरू की गई। यह व्यक्ति मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का संदिग्ध सरगना और आपूर्तिकर्ता है।
एनसीबी की टीम ने उसे लद्दाख के लेह जिले में ढूंढ़ निकाला और जब्ती के दो दिन के अंदर सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि जब्त की गई हेरोइन एक संगठित सीमा पार आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है। आशंका है कि यह नशीला पदार्थ पाकिस्तान से आया था और इसे उरी बॉर्डर सेक्टर के जरिए भारत में लाया गया था।
उन्होंने कहा कि सरगना की तेजी से पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाना एनसीबी के इस प्रयास को दर्शाता है कि वह केवल तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित रहने के बजाय पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि आगे की जांच में गिरोह से जुड़े सीमा पार के आपूर्तिकर्ताओं, वित्तीय संबंधों, इसे लाने-ले जाने वाले लोगों, स्थानीय सहयोगियों और मादक पदार्थों के वितरण के लिए बनाए गए नेटवर्क की पहचान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इस महीने की शुरुआत में एनसीबी जम्मू द्वारा की गई हेरोइन की दो अन्य बरामदगी के बाद हुई है।
12 अगस्त को 438 ग्राम और 13 अगस्त को 603 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाइयां क्षेत्र में खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार जारी मादक पदार्थ रोधी अभियानों की तीव्रता को दर्शाती हैं। एनसीबी ने कहा कि पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने और उसके आगे-पीछे के संपर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच और खुफिया सूचनाएं जुटाने का काम जारी है।
एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय स्वापक हेल्पलाइन – मानस (1933) के जरिए भरोसेमंद जानकारी देकर मादक पदार्थ तस्करी और नशे की लत के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय रूप से सहयोग करें। जानकारी गुप्त रूप से दी जा सकती है। एनसीबी ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त, निरंतर और खुफिया सूचनाओं पर आधारित कार्रवाई जारी रखने तथा ‘नशा मुक्त’ भारत के लक्ष्य में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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