महाराष्ट्र के नासिक में पानी की परियोजना के लिए रखे लोहे के पाइप से एक मोटरसाइकिल के टकराने के बाद 33 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में काम कर रहे ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि घटना शनिवार रात करीब 11:30 बजे कृषि नगर-सिद्धार्थनगर मार्ग पर हुई। अधिकारी ने बताया, ‘‘सिद्धार्थ दत्तात्रेय गोरे और उनके दोस्त मनोज सूर्यवंशी मोटरसाइकिल से उपेंद्रनगर जा रहे थे। कृषि नगर-सिद्धार्थनगर मार्ग क्षेत्र में भूमिगत जल पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था।
बारिश और अंधेरा होने के कारण वे सड़क पर रखे पाइप को नहीं देख सके।’’
पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल के लोहे के पाइप से टकराने के बाद सिद्धार्थ और मनोज दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि सिद्धार्थ को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जबकि मनोज की हालत गंभीर बनी हुई है। सिद्धार्थ के भाई प्रवीण गोरे की शिकायत पर गंगपुर थाने में पाइपलाइन का काम करा रहे ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इस बीच, मृतक के परिजनों ने रविवार दोपहर नासिक महानगर पालिका (एनएमसी) के मुख्यालय राजीव गांधी भवन के बाहर तीन घंटे तक धरना दिया। उन्होंने करीब 45 मिनट तक सिद्धार्थ का शव भी मुख्यालय के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि सिद्धार्थ की मौत के लिए नासिक महानगरपालिका जिम्मेदार है और मृतक के एक परिजन को नौकरी देने की मांग की।
हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप और महानगरपालिका के अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजनों ने विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। महानगरपालिका ने एक बयान में बताया कि पाइपलाइन का काम होने के कारण सड़क पर पाइप रखकर रास्ता बंद किया गया था और सुरक्षा उपाय के तौर पर वहां रिफ्लेक्टर लगाए गए थे। नगर निकाय ने कहा, ‘‘इसके अलावा, काम वाली जगह से 50 मीटर पहले सड़क बंद होने की सूचना देने वाले संकेत लगाए गए थे।
सड़क की सभी स्ट्रीट लाइटें सही स्थिति में हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बाइक को देखते हुए स्पष्ट है कि दोपहिया वाहन तेज रफ्तार में था।’’
बयान में बताया गया कि घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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