वरिष्ठ फिल्मकार एम. एम. बेग का उनके घर पर निधन हो गया। वह लगभग 70 वर्ष के थे। उनके निधन की पुष्टि उनके पब्लिसिस्ट हनीफ जावेरी ने की है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक एम. एम. बेग पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। चार-पांच दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलने और घर से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा खोलकर अंदर देखा तो बैग साहब मृत अवस्था में पाए गए। इसके बाद पुलिस ने उनकी बेटी को सूचना दी और रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच उनका शव पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेज दिया गया। एम. एम. बेग हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्मकार थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दिग्गज फिल्मकार जे. ओम प्रकाश, विमल कुमार और राकेश रोशन के सहायक के रूप में की। उन्होंने आदमी खिलौना है, जैसी करनी वैसी भरनी, कर्ज चुकाना है, काला बाजार और किशन कन्हैया जैसी फिल्मों में काम किया। स्वतंत्र निर्देशक के तौर पर उन्होंने दो फिल्मों का निर्देशन किया, जिनमें मासूम गवाह (जो अब तक रिलीज नहीं हो पाई) और छोटी बहू शामिल हैं। हनीफ जावेरी के अनुसार, बेग साहब का राकेश रोशन के साथ बेहद करीबी संबंध था। उन्होंने ऋतिक रोशन को उनकी पहली फिल्म कहो ना… प्यार है से पहले डिक्शन, वॉयस मॉड्यूलेशन और संवाद अदायगी की ट्रेनिंग भी दी थी। एम. एम. बेग की बेटी बेबी गुड्डू, जिनका असली नाम शाहिंदा बैग है, 1980 के दशक की लोकप्रिय बाल कलाकार रही हैं। उन्होंने आखिर क्यों?, नगीना, प्यार किया है प्यार करेंगे और औलाद जैसी कई चर्चित फिल्मों में काम किया।
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