कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मीराबाई चानू का अगला कदम एशियंस गेम्स में पदक जीतना है। उन्होंने कहा है कि मुझे वहां पदक जीतना है, जहां अभी तक नहीं जीत सकी हूं। उन्होंने अर्जुन पुरस्कार को बचपन का सपना बताया है और उसे जीतना चाहती हैं।
चानू ने कहा कि उनके लिए हर पदक आगे बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा बनता है। उन्होंने कहा, ”कुछ खिलाड़ी पदक जीतकर बहुत खुश हो जाते हैं, लेकिन मेरे लिए हर पदक नई ताकत देता है। मुझे लगता है कि अगला पदक जीतने के लिए और भी अधिक मेहनत करनी होगी। ‘’ अपने करियर के अच्छे और दुखद पलों को याद करते हुए चानू ने कहा कि दोनों अलग-अलग ओलंपिक से जुड़े हैं और पेरिस ओलंपिक में मामूली अंतर से पदक चूकने के बाद दोबारा खुद को संभालना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, ”हर प्रतियोगिता में पदक जीतने का दबाव रहता है। हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में भाग लेना होता है। वहां पदक जीतना मेरा भी सपना था, लेकिन पेरिस ओलंपिक में बहुत मामूली अंतर से पदक चूकने का मुझे बेहद दुख हुआ। ‘’ उन्होंने कहा, ”उसके बाद खुद को दोबारा तैयार करना और सर्वोच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना बहुत कठिन था। मुझे आगे की योजना बनानी पड़ी और कड़ी मेहनत करनी पड़ी। ”
अर्जुन पुरस्कार प्राप्त करना चाहती हैं मीराबाई चानू
चानू ने अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपने ऊपर रखी गई जिम्मेदारियों और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, ”2014 में ग्लास्गो में भारत के लिए रजत पदक जीतकर मुझे बहुत खुशी हुई। उसके बाद भारतीय भारोत्तोलन को लेकर मेरी जिम्मेदारियां बढ़ गईं। मुझे तय करना था कि मैं क्या करना चाहती हूं और कितनी दूर तक जाना चाहती हूं। ‘’ उन्होंने कहा, ”धीरे-धीरे मैं अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन को समझने लगी और यह भी पता चला कि इसके लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। मैंने भारतीय भारोत्तोलन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। समय के साथ सभी का सहयोग मिला और मुझे खुशी है कि अपने कोच विजय शर्मा की मदद से मैं यह सब हासिल कर सकी। ‘’ एशियाई खेलों की तैयारियों पर चानू ने कहा कि वह किसी विशेष ट्रेनिंग की योजना नहीं बना रही हैं। उन्होंने कहा, ”महत्वपूर्ण बात यह होगी कि खेलों तक मैं चोट से दूर रहूं। किसी विशेष ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है, सामान्य अभ्यास ही जारी रहेगा। ‘’ उन्होंने यह भी कहा कि खेल रत्न पुरस्कार मिलने के बावजूद अगर उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिलता है तो उन्हें बेहद खुशी होगी क्योंकि यह उनके बचपन का सपना है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.