(अजय मसंद)
नागोया, 18 सितंबर एशियाई खेलों में आवास संकट से चिंतित खेल मंत्रालय ने यहां रहने वाले प्रवासी भारतीय लोगों से अपील की है कि अगर शनिवार से शुरू होने वाले महाद्वीपीय खेलों के दौरान कमरों की कमी का समाधान नहीं होता है तो वे खिलाड़ियों के ‘‘आवास प्रदान करने में मदद करें।’’
भारत सहित कई अन्य देशों के खिलाड़ियों ने अपने आवास की व्यवस्था में देरी की शिकायत की है। लागत कम करने के लिए इस बार खेल गांव जैसी व्यवस्था नहीं है तथा खिलाड़ियों को कंटेनर की तरह की झोपड़ियों, पानी के एक जहाज और होटलों में ठहराया जा रहा है। भारत के मिशन प्रमुख सहदेव यादव ने शुक्रवार को खुलासा किया कि आयोजकों द्वारा निर्धारित आवास न मिलने के कारण लगभग 35 भारतीय खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित करना पड़ा।
प्रतियोगिता कार्यक्रम के अनुसार और भी खिलाड़ियों के आने की उम्मीद है, जिससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है। खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने यहां बताया, ‘‘खेल मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों से संपर्क किया है और उनसे एशियाई खेलों के दौरान कमरों की कमी होने पर खिलाड़ियों के आवास की व्यवस्था में मदद करने के लिए तैयार रहने को कहा है।’’
खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया कि नागोया में लगभग 2000 परिवारों से संपर्क करने में भारतीय दूतावास ने बड़ी भूमिका निभाई है और आवास की कमी होने पर उनमें से कई परिवार आगे आए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘पहली प्राथमिकता खिलाड़ियों को अच्छे होटलों में ठहराना होगी, लेकिन अगर फिर भी और कमरों की जरूरत पड़ती है तो प्रवासी भारतीय समुदाय की मदद ली जा सकती है।’’
खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी यहां पहुंच चुके हैं और शुक्रवार को ध्वजारोहण समारोह में थोड़ी देर के लिए उपस्थित रहे, जो एशियाई ओलंपिक परिषद और स्थानीय आयोजन समिति के बीच ‘‘गलतफहमी’’ के कारण एक घंटे से अधिक देरी से शुरू हुआ था।
मंत्रालय को भरोसा है कि प्रवासी भारतीयों के सहयोग से स्थिति को संभाला जा सकता है। आवास मिलने में देरी के बाद बैडमिंटन खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित कर दिया गया है और वे फिलहाल वहीं ठहरेंगे। अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रवासी भारतीय समुदाय बहुत सहयोगी रहा है और वे हर संभव तरीके से मदद कर रहे हैं, जिसमें हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना भी शामिल है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा शेफ डे मिशन के दो सदस्य हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे।
खिलाड़ियों को हवाई अड्डे पर भारतीय जर्सी पहने अधिकारियों को देखकर सहज महसूस होगा।’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रालय भारतीय खिलाड़ियों के साथ में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहता जैसा कि अन्य देशों के खिलाड़ियों के साथ हो रहा है, जिन्हें आवास के लिए नौ से दस घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसीलिए मंत्रालय ये सभी कदम उठा रहा है ताकि भारतीय खिलाड़ियों को दूसरों की तरह परेशानी नहीं उठानी पड़े।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.