मेक्सिको के सबसे बड़े ड्रग तस्करों में से एक नेमेसियो रुबेन ओसेगेरा सर्वांतेस की मौत हो गई, उसे एल मेंचो के नाम से जाना जाता था. मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वह पश्चिमी राज्य जलिस्को में एक सैन्य कार्रवाई में घायल हुआ था. उसे एयर एंबुलेंस से मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एल मेंचो की मौत की खबर के बाद कई राज्यों में हिंसा फैल गई. जलिस्को समेत कई जगहों पर गाड़ियों में आग लगाई गई और हथियारबंद लोगों ने सड़कों को बंद कर दिया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलिस्को के प्यूर्टो वल्लार्ता में धुएं के गुबार और भगदड़ के सीन दिखाई दिए. ग्वाडलाहारा में भी सड़कों पर जलती हुई गाड़ियां देखी गईं. इस दौरान जलिस्को के गवर्नर पाब्लो लेमुस नवारो ने लोगों से घरों में रहने की अपील की.
CJNG का सरगना था एल मेंचो
एल मेंचो जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था. पिछले दस सालों में यह कार्टेल मेक्सिको का सबसे ताकतवर आपराधिक गिरोह बन गया था. यह गिरोह अमेरिका तक कोकीन, मेथ और फेंटानिल जैसे ड्रग्स की तस्करी करता था. अमेरिका ने एल मेंचो की गिरफ्तारी पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था. पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने CJNG को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था.
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने एल मेंचो की मौत को अमेरिका, मेक्सिको और लैटिन अमेरिका के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. हिंसा को देखते हुए अमेरिका ने जलिस्को, तमाउलिपास, मिचोआकान, गुरेरो और न्यूवो लियोन राज्यों में अपने नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी है. कनाडा ने भी अपने नागरिकों को सावधानी बरतने को कहा है.
दबाव में थी मेक्सिको सरकार
यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब अमेरिका की ओर से मेक्सिको पर ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का दबाव था. एल मेंचो के नेतृत्व में CJNG ने क्षेत्रीय गिरोह से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक का सफर तय किया था. यह गिरोह भारी हथियारों और खुलेआम हिंसा के लिए कुख्यात था. उसकी मौत के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या कार्टेल कमजोर होगा या फिर नए नेतृत्व में हिंसा और बढ़ सकती है.
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