Suji Mathri: चाय के साथ मठरी खाने के शौकीन हैं, तो मैदा की जगह ये सूजी से बनी मठरी ट्राई करें। सही तरह से आटा लगाएंगे तो एकदम हलवाई जैसी खस्ता, कुरकुरी सूजी की मठरी बनाकर तैयार होंगी।
कौन सी सूजी से बनती हैं खस्ता और कुरकुरी मठरी?
सबसे पहले तो मठरी के लिए सही सूजी चुनना जरूरी है। आमतौर पर मठरी के लिए बारीक वाली सूजी बेस्ट रहती है। अगर आपके पास दरदरी सूजी है तो उसे एक बार मिक्सर में चला सकते हैं। वरना मठरी में सूजी के साथ थोड़ी सी मैदा मिलाकर भी काम चलाया जा सकता है। अगर ढाई कप के करीब मोटी वाली सूजी ले रहे हैं, तो उसमें लगभग 1 कप मैदा मिला दें; मठरी बिल्कुल खस्ता बनकर तैयार होंगी।
सूजी में कितना और कौन सा मोयन मिलाएं?
मठरी को खस्ता बनाने के लिए सूजी में मोयन मिलाना बहुत जरूरी है। आप घी ये तेल किसी को भी मोयन की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे जरूरी होती है इसकी मात्रा। अगर मोयन कम या ज्यादा लग जाए, तो मठरी ठीक से नहीं बन पाती हैं। इसके लिए मात्रा नोट कर लें। अगर आप ढाई कप सूजी ले रहे हैं, तो इसमें लगभग आधा कप तेल या घी का मोयन लगाएं। ये मात्रा हर बार ठीक बैठती है।
सूजी में ये चीजें मिलाने से बढ़ जाएगा स्वाद
मोयन मिलाने के बाद आप कुछ और चीजें भी सूजी में एड कर सकते हैं। इससे मठरी का टेस्ट और भी अच्छा आता है। सबसे पहले तो स्वादानुसार नमक मिलाएं, साथ में हाथ से मसलकर जरा सा अजवाइन भी डाल दें। अगर आपको तीखा पसंद है तो आप हरी मिर्च को बारीक काटकर या फिर चिली फ्लेक्स एड कर सकते हैं। साथ में साबुत जीरा भी जरूर मिलाएं। अब सभी चीजों को अच्छे से मिक्स कर लें
हल्के गुनगुने पानी से लगाएं मठरी का आटा
सूजी में मोयन और बाकी चीजें मिलाने के बाद बारी आती है डो लगाने की। इसके लिए आपको हल्के गर्म पानी का इस्तेमाल करना है। थोड़ा थोड़ा पानी डालकर आटा गूंथ लें। ध्यान रहे सूजी की मठरी के लिए आटा सॉफ्ट ही गूंथा जाता है, क्योंकि सूजी फूलती है। इसलिए थोड़ा नर्म आटा लगाएं और इसे ढककर करीब 20 मिनट के लिए रख दें। सूजी फूल जाएगी और मठरी का आटा भी सख्त हो जाएगा। इसे हाथ से अच्छी तरह एक-दो बार गूंथ लें। अब आप इसकी मठरी बनाकर तैयार कर सकते हैं।
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