सरकार के इस कदम के पीछे इस साल पश्चिम एशिया में पैदा हुआ संकट भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। संकट के दौरान भारत की LPG सप्लाई चेन पर दबाव पड़ा था। भारत अपनी जरूरत की बड़ी मात्रा में LPG आयात करता है और इसमें कतर, सऊदी अरब, UAE और कुवैत जैसे देशों से आने वाली सप्लाई महत्वपूर्ण है। इनमें से काफी सामान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) से होकर आता है। आपूर्ति में किसी तरह की बाधा आने पर देश में LPG की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। उस दौरान सरकार को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG सप्लाई को प्राथमिकता देनी पड़ी थी और कुछ समय के लिए कमर्शियल तथा औद्योगिक ग्राहकों पर भी असर पड़ा था।
इसके मुकाबले घरेलू PNG सप्लाई संकट के दौरान ज्यादा मजबूत बनी रही। घरेलू PNG को देश में उत्पादित प्राकृतिक गैस से प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई मिलने के कारण आयातित LPG और LNG की तरह इसका असर ज्यादा नहीं हुआ। इस अनुभव ने सरकार को यह सोचने पर मजबूर किया कि घरेलू रसोई गैस के लिए पाइप्ड नेटवर्क का विस्तार करने से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय संकट या समुद्री मार्गों में रुकावट की स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत स्थिर सप्लाई मिल सकती है।
सरकार ने 2026 के नए गैस वितरण और LPG नियंत्रण आदेशों के तहत उन इलाकों में LPG और PNG दोनों कनेक्शन रखने पर रोक का प्रावधान किया है, जहां PNG उपलब्ध है। नोटिस के बावजूद PNG कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं करने वाले घरों में LPG सप्लाई बंद करने की कार्रवाई भी नियमों के तहत की जा सकती है। हालांकि, यह व्यवस्था केवल उन क्षेत्रों पर लागू होगी, जहां PNG नेटवर्क उपलब्ध है।
इस बदलाव को लागू करने के लिए हर भौगोलिक क्षेत्र में PCC (PNG Coordination Committee) बनाई जाएगी। यह समिति उन घरों और हाउसिंग सोसायटियों की पहचान करेगी, जहां PNG कनेक्शन दिया जा सकता है। लोगों को नोटिस देने, जागरूकता अभियान चलाने और कनेक्शन प्रक्रिया तेज करने का काम भी किया जाएगा। जिला प्रशासन को RWA और हाउसिंग सोसायटी से पाइपलाइन बिछाने के लिए जरूरी अनुमति दिलाने तथा LPG वितरकों और PNG कंपनियों के बीच समन्वय कराने में मदद करनी होगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे अपने फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट (Food and Civil Supplies Department) से जिला स्तर पर कम से कम जिला आपूर्ति अधिकारी के स्तर का एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। यह अधिकारी PCC के साथ मिलकर PNG विस्तार की निगरानी करेगा। सरकार का लक्ष्य साफ है, जहां पाइप्ड गैस उपलब्ध है, वहां धीरे-धीरे घरों को LPG सिलेंडर से PNG की ओर ले जाना और भारत की रसोई गैस व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित, सुविधाजनक और ऊर्जा संकट के प्रति मजबूत बनाना।
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