इस राज्य ने अपने कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल 2026 से ‘निश्चित पेंशन योजना’ लागू करने का आदेश जारी कर दिया है. योजना में सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी का अधिकतम 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में देने का प्रावधान है, साथ ही महंगाई राहत भी देय होगी. नई नियुक्तियों को इस योजना और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के बीच विकल्प मिलेगा. वर्तमान में एनपीएस के तहत आने वाले कर्मचारियों को भी नई योजना में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा. अधिकतम पेंशन के लिए 30 वर्ष की अर्हक सेवा जरूरी होगी.
नई योजना के तहत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त मूल वेतन का अधिकतम 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा. यह राशि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत वेतनमान के आधार पर तय की जाएगी. पेंशन के अलावा महंगाई राहत भत्ता भी दिया जाएगा, जिससे बढ़ती महंगाई के असर को संतुलित किया जा सके.
कर्मचारियों को मिलेगा विकल्प
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से सेवा में आने वाले नए कर्मचारी ‘निश्चित पेंशन योजना’ चुन सकते हैं या फिर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत बने रह सकते हैं. इतना ही नहीं, वर्तमान में एनपीएस के तहत नामांकित कर्मचारियों को भी नई योजना में शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा. इससे कर्मचारियों को अपनी सुविधा और भविष्य की वित्तीय योजना के अनुसार निर्णय लेने का अवसर मिलेगा.
अधिकतम पेंशन के लिए क्या शर्त
योजना के तहत अधिकतम 50 प्रतिशत पेंशन पाने के लिए कर्मचारी को 30 वर्ष की अर्हक सेवा पूरी करनी होगी. इससे कम सेवा अवधि होने पर पेंशन का निर्धारण नियमों के अनुसार किया जाएगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे, जिनमें पात्रता, अंशदान और अन्य प्रक्रियात्मक पहलुओं को विस्तार से समझाया जाएगा. इस फैसले को कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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