आज के दौर में किसी को अपना मकान या दुकान किराए पर देते समय सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। अमूमन मकान मालिक पहचान के तौर पर किराएदार से आधार कार्ड और पैन (PAN) कार्ड की प्रतियां मांगते हैं। लेकिन डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग से अब नकली और जाली दस्तावेज बनाना बेहद आसान हो गया है। शातिर अपराधी नकली पहचान पत्र देकर मकान किराए पर लेते हैं और बाद में गैर-कानूनी गतिविधियों या अवैध कब्ज जैसी गंभीर समस्याओं को अंजाम देते हैं।
इसे भी पढ़ें: PM Svanidhi Credit Card: 30000 की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड कैसे बनेगा, यहां जानें पूरा प्रोसेस
1. आधार कार्ड के असली या नकली होने की पहचान कैसे करें?
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई बेहतरीन और मुफ्त डिजिटल साधन उपलब्ध कराए हैं। किसी भी किराएदार का आधार जांचने के लिए इन तरीकों का उपयोग करें:
– एम-आधार (mAadhaar) ऐप से क्यूआर कोड स्कैनिंग: यह सबसे आसान और अचूक तरीका है। अपने स्मार्टफोन में आधिकारिक ‘mAadhaar’ ऐप डाउनलोड करें। ऐप में दिए गए क्यूआर कोड स्कैनर को खोलें और किराएदार के आधार कार्ड पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करें। यदि आधार असली है तो स्क्रीन पर उस व्यक्ति का नाम, लिंग, राज्य, फोटो और अन्य विवरण दिखाई देंगे। जाली आधार होने पर क्यूआर कोड स्कैन नहीं होगा या विवरण मेल नहीं खाएंगे।
– आधिकारिक पोर्टल से ऑनलाइन सत्यापन: आप यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट (www.uidai.gov.in) पर जाकर ‘Verify an Aadhaar Number’ सेवा का उपयोग कर सकते हैं। वहाँ आधार संख्या और कैप्चा दर्ज करने पर यदि वह नंबर वैध है तो स्क्रीन पर उसकी पुष्टि हो जाएगी और व्यक्ति की अनुमानित आयु सीमा (जैसे 30-40 वर्ष), लिंग और राज्य का नाम दिखाई देगा।
– सुरक्षा फीचर्स की भौतिक जांच: असली आधार कार्ड पर अशोक स्तंभ का लोगो, भारत सरकार का वाटरमार्क और एक विशेष सुरक्षा धागा या पैटर्न होता है। केवल साधारण फोटोकॉपी पर भरोसा करने के बजाय मूल (Original) कार्ड को ध्यान से देखें।
2. पैन (PAN) कार्ड को सत्यापित करने का सही तरीका
आयकर विभाग ने भी पैन कार्ड की प्रामाणिकता जांचने के लिए ऑनलाइन माध्यम दिए हैं ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके:
– ‘वेरिफाई योर पैन’ (Verify Your PAN) सेवा: आयकर विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल (www.incometax.gov.in/iec/foportal) पर जाएं। होमपेज पर ‘Quick Links’ के अंतर्गत ‘Verify Your PAN’ पर क्लिक करें। यहाँ किराएदार का पैन नंबर, उनका पूरा नाम (जैसा पैन पर है), जन्म तिथि और मोबाइल नंबर दर्ज करें। विवरण सही होने पर स्क्रीन पर ‘PAN is Active and details are matching with PAN database’ का संदेश दिखाई देगा।
– पैन क्यूआर कोड स्कैनर ऐप: आयकर विभाग के ‘PAN QR Code Reader’ मोबाइल ऐप के जरिए पैन कार्ड पर मौजूद क्विक रिस्पांस (QR) कोड को स्कैन करके भी कार्ड धारक का असली नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि का मिलान किया जा सकता है।
मकान मालिकों के लिए अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय
दस्तावेजों की जांच के अलावा, कानूनी रूप से सुरक्षित रहने के लिए इन बातों का पालन अवश्य करें:
– पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) अनिवार्य: केवल दस्तावेज जांचना काफी नहीं है। अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर या राज्य पुलिस के आधिकारिक ऐप के माध्यम से किराएदार का पुलिस सत्यापन जरूर कराएं। यह कानूनी रूप से भी कई शहरों में अनिवार्य है।
– लिखित रेंट एग्रीमेंट (Rent Agreement): हमेशा 11 महीने का पंजीकृत या नोटरीकृत रेंट एग्रीमेंट बनवाएं। इसमें किराएदार के मूल पते और गवाहों के हस्ताक्षर स्पष्ट रूप से होने चाहिए।
– पड़ोसी या पिछले मकान मालिक से फीडबैक: यदि संभव हो तो किराएदार के कार्यस्थल (Office) या उनके पिछले मकान मालिक से उनके व्यवहार और पृष्ठभूमि के बारे में संक्षिप्त जानकारी लें।
सतर्कता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। एक मकान मालिक के रूप में थोड़ी सी जल्दबाजी या लापरवाही आपको बड़े कानूनी विवाद में डाल सकती है। किराएदार को चाबी सौंपने से पहले ऊपर बताए गए सरकारी पोर्टलों के जरिए उनके आधार और पैन कार्ड का मिलान अवश्य करें।
– जे. पी. शुक्ला
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.