लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानी इलाके में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं और यहां पर्यटन तेज़ी से बढ़ रहा है. लेकिन, कुछ लापरवाह पर्यटकों की हरकतों से यहां के नाज़ुक पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, जिसके चलते अधिकारियों को कार्रवाई करनी पड़ रही है.
ऐसी ही एक घटना में चांगथांग हाई एल्टीट्यूड कोल्ड डेज़र्ट वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी में ऑफ़-रोड ड्राइविंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, लद्दाख के वाइल्डलाइफ़ डिपार्टमेंट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हनले इलाके में एक सफ़ेद महिंद्रा फ़ॉर्च्यूनर SUV को जब्त कर लिया और उसके ड्राइवर को हिरासत में ले लिया. वाइल्डलाइफ़ डिपार्टमेंट की एक टीम को हनले भेजा गया और उस गाड़ी और ड्राइवर को पकड़ लिया गया. अब ड्राइवर पर कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
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जंगली जानवर का पीछा कर रहा था ड्राइवर
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में गाड़ी को एक जंगली जानवर का पीछा करते हुए और पर्यावरण के लिहाज़ से बेहद संवेदनशील वाइल्डलाइफ़ हैबिटैट (वन्यजीवों के आवास) के अंदर सीधे ऑफ़-रोडिंग करते हुए देखा गया. यह उल्लंघन चांगथांग हाई एल्टीट्यूड कोल्ड डेज़र्ट वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी के नाज़ुक इकोसिस्टम में स्थित हनले के पास हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो से काफ़ी हंगामा हुआ. लोगों के गुस्से और पर्यावरण को लेकर चिंता को देखते हुए, वाइल्डलाइफ़ डिपार्टमेंट की एक खास टीम को उस इलाके में भेजा गया, जिसने उस गाड़ी का पता लगाया.
ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया
SUV और ड्राइवर दोनों को शुक्रवार सुबह हिरासत में ले लिया गया ताकि उन्हें कानूनी अधिकारियों के सामने पेश किया जा सके. चांगथांग वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी का ऊंचा पहाड़ी इलाका पर्यावरण के लिहाज़ से बेहद संवेदनशील है. स्थानीय नेता और संरक्षण समूह, जैसे कि वाइल्डलाइफ़ कंजर्वेशन एंड बर्ड्स क्लब ऑफ़ लद्दाख (WCBCL)—अक्सर इस बात पर ज़ोर देते हैं कि ऑफ़-रोडिंग से चांगथांग के चरागाहों को भारी और कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंचता है और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है. चरागाहों पर गाड़ी चलाने से ऊपरी मिट्टी की पतली परत नष्ट हो जाती है, जिसमें नमी कम होती है और जिसे प्राकृतिक रूप से दोबारा बनने में सैकड़ों साल लगते हैं. लापरवाही से गाड़ी चलाने और जानवरों का पीछा करने से लुप्तप्राय स्थानीय जीवों पर सीधा बुरा असर पड़ता है. हनले घाटी पैलास कैट, तिब्बती भेड़िया, तिब्बती सैंड फ़ॉक्स और ब्लैक-नेक्ड क्रेन के लिए प्रजनन की एक अहम जगह है.
लद्दाख में पर्यटकों की लापरवाह हरकत
इससे पहले भी लद्दाख में पर्यटकों को अपनी लापरवाह हरकतों से इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचाते हुए कई वीडियो में देखा गया है. पिछले हफ़्ते, चुशुल के पूर्व काउंसलर कोंचक स्टेनज़िन ने सोशल मीडिया पर ऐसे ही पर्यटकों के एक समूह के ख़िलाफ कार्रवाई की मांग की थी. “हम अपने पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील इलाके में गैर-ज़िम्मेदार पर्यटकों से ऐसे बर्ताव की उम्मीद नहीं करते. मैं लद्दाख पुलिस, ADGP लद्दाख, @utladakhtourism और @deptofwildlifeprotectionleh से जरूरी कार्रवाई करने की अपील करता हूं. हम अपने पर्यटकों का सम्मान करते हैं, लेकिन यह जरूरी है कि वे हमारी प्राकृतिक सुंदरता का भी सम्मान करें. आइए, मिलकर अपने पर्यावरण की रक्षा करें!”
मशहूर हस्तियों ने कड़ी निंदा की
लद्दाख की मशहूर हस्तियों और आम लोगों ने इन हरकतों की कड़ी निंदा की है. साथ ही, उन्होंने ज़िले के हिसाब से पर्यटन के सख़्त नियम बनाने और वन्यजीवों के रहने की जगहों को साफ़ तौर पर चिह्नित करने की मांग शुरू कर दी है, ताकि पर्यटकों की लापरवाही से लद्दाख के इकोसिस्टम को हमेशा के लिए नुकसान न पहुंचे.
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