किलियन एम्बाप्पे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह मौजूदा दौर के सबसे खतरनाक आक्रमणकारी खिलाड़ियों में से एक हैं। फ्रांस के स्टार खिलाड़ी ने पुरुष फुटबॉल विश्व कप में लगातार दूसरी बार गोल्डन बूट जीतकर नया इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी गोल करने में सफल नहीं रहे, जिसके बाद एम्बाप्पे 10 गोल के साथ टूर्नामेंट के सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने रहे।
बता दें कि एम्बाप्पे ने तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ दो गोल किए। हालांकि फ्रांस को 6-4 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इन दो गोलों की बदौलत उनका कुल गोलों का आंकड़ा 10 तक पहुंच गया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने लगातार दूसरी बार विश्व कप का गोल्डन बूट अपने नाम किया। इससे पहले भी उन्होंने वर्ष 2022 के विश्व कप में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया था। गौरतलब है कि लगातार दो विश्व कप में यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार इस बार गोल्डन बूट की दौड़ काफी रोमांचक रही। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी आठ गोल के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं नॉर्वे के एरलिंग हालांड और इंग्लैंड के जूड बेलिंगहैम ने सात-सात गोल किए। इंग्लैंड के हैरी केन और फ्रांस के उस्मान डेम्बेले ने छह-छह गोल कर प्रतियोगिता का समापन किया।
एम्बाप्पे ने टूर्नामेंट की शुरुआत भी शानदार अंदाज में की थी। उन्होंने सेनेगल के खिलाफ पहले मुकाबले में दो गोल किए। इसके बाद इराक के खिलाफ भी दो बार गेंद को जाल में पहुंचाया। नॉर्वे के खिलाफ वह गोल नहीं कर सके, लेकिन स्वीडन के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में फिर दो गोल दागकर अपनी शानदार लय बरकरार रखी। इसके बाद पराग्वे के खिलाफ उनका पेनाल्टी से किया गया गोल फ्रांस की जीत का कारण बना। क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के खिलाफ भी उन्होंने एक गोल किया।
हालांकि सेमीफाइनल में स्पेन के खिलाफ फ्रांस को 2-0 से हार झेलनी पड़ी और टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी। इसके बाद तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ फ्रांस पहले हाफ में 4-0 से पीछे था। दूसरे हाफ में टीम ने शानदार वापसी की कोशिश की, जिसमें एम्बाप्पे ने दो गोल कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया, लेकिन अंत में फ्रांस जीत हासिल नहीं कर सका।
दूसरी ओर स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय में 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। स्पेन की जीत में फेरान तोरेस का गोल निर्णायक साबित हुआ। खिताब जीतने के साथ ही स्पेन के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत पुरस्कारों पर भी कब्जा जमाया। रोड्री को पूरे टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जबकि पाउ कुबार्सी को सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का सम्मान मिला। वहीं गोलकीपर उनाई सिमोन ने पूरे टूर्नामेंट में सात मुकाबलों में केवल एक गोल खाकर गोल्डन ग्लव अपने नाम किया। इस तरह स्पेन ने टीम और व्यक्तिगत दोनों स्तर पर यादगार प्रदर्शन करते हुए विश्व फुटबॉल में अपनी मजबूत पहचान एक बार फिर साबित की हैं।
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