केरलम के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार हमेशा की तरह सबसे कम संभव दर पर बिजली खरीदने का प्रयास कर रही है और इस संबंध में एनटीपीसी के साथ बातचीत चल रही है। जोसेफ ने यह भी कहा कि सरकार पूर्ववर्ती यूडीएफ सरकार के कार्यकाल में निजी बिजली कंपनियों के साथ किए गए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते को फिर से बहाल कराने के लिए कानूनी कदम उठा रही है। इस समझौते को पिछली एलडीएफ सरकार ने रद्द कर दिया था।
करीब 30 रुपये प्रति यूनिट की ऊंची दर पर बिजली खरीदने के प्रभाव के बारे में पत्रकारों के सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि इससे सरकार पर ‘‘अतिरिक्त वित्तीय बोझ’’ पड़ेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या भविष्य में उपकर के जरिये यह बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा, उन्होंने कहा कि फिलहाल इस पहलू पर विचार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अभी हम किसी भी तरह बिजली खरीदने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि बहुत से लोग कह रहे हैं कि कीमत अधिक होने के बावजूद उन्हें बिजली चाहिए।
तापमान बढ़ने के साथ पंखों और एयर कंडीशनर का इस्तेमाल भी बढ़ जाता है।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) राज्य के लिए बिजली खरीदने के प्रमुख विकल्पों में से एक है। मंत्री ने दावा किया कि उस समझौते को रद्द करना गलत फैसला था, जिसके तहत राज्य को करीब 440 मेगावाट बिजली 4.2 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध हो सकती थी। उनके अनुसार, यदि यह समझौता कायम रहता तो मौजूदा बिजली संकट से बचा जा सकता था।
उन्होंने आगे दावा किया कि तत्कालीन एलडीएफ सरकार ने समझौता रद्द करने की अपनी गलती सुधारने की कोशिश की थी, ‘‘लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।’’
जोसेफ ने एक दिन पहले कहा था कि केरलम राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) ने राज्य में बढ़ती मांग और बिजली की कमी के बीच ऊंची दरों पर अतिरिक्त बिजली खरीदने की अनुमति के लिए राज्य सरकार से संपर्क करने का फैसला किया है।
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