कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के किड्नैप और हत्या के 36 साल पुराने केस में जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने सोमवार को चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। 737 पन्नों की चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के तत्कालीन चीफ कमांडर यासीन मलिक समेत 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, यासीन मलिक और उसके साथियों ने सरला भट की किड्नैपिंग और उनकी हत्या की साजिश रची थी। यासीन फिलहाल आतंकी फंडिंग के मामले में तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वहीं, मुख्य शूटर खुर्शीद अहमद चालको अब भी फरार है। उसके PoK में छिपे होने की आशंका है। सरला को गोली मारने वाला वही था। तीन और आरोपी अब्दुल हमीद शेख, मोहम्मद यूसुफ सोफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू की मौत हो चुकी है। मुखबिरी के शक में हत्या की थी सरला भट अनंतनाग की रहने वाली थीं। वह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS), सौरा में स्टाफ नर्स थीं। 34 साल बाद SIA को जांच सौंपी गई थी मार्च 2024 में यह केस जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) को सौंपा गया। इसके बाद एजेंसी ने करीब दो साल तक मामले की जांच की। जांच के दौरान कई जगह छापेमारी की गई। पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए। गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मेडिकल, फोरेंसिक, बैलिस्टिक, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए। इन्हीं सबूतों के आधार पर 737 पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई। चार्जशीट में पांचों आरोपियों पर हत्या, अपहरण, साजिश और सबूत मिटाने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ टेररिस्ट एंड डिसरप्टिव एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट, 1987 (TADA) और भारतीय शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की धाराएं भी लगाई गई हैं। JKLF का कमांडर, उम्रकैद की सजा काट रहा
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