कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने आज (शुक्रवार को) ‘महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम’ घोटाले के आरोपों को लेकर बढ़ते दबाव के बीच इस्तीफा दे दिया है। अपने फैसले की घोषणा करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बी. नागेंद्र भावुक भी हो गए।
वे मुझे ED-CBI से नहीं डरा सकते- बी. नागेंद्र
बी. नागेंद्र, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में कर्नाटक कैबिनेट में फिर से शामिल किया गया था, ने आरोप लगाया कि उन्हें एक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए उन्हें डरा-धमका नहीं सकती है। इस्तीफा देने के बाद बी. नागेंद्र ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मुझे ईडी और सीबीआई से नहीं डरा सकते हैं। मनुवादियों ने मुझे निशाना बनाया क्योंकि वे नहीं चाहते कि कोई आदिवासी व्यक्ति तरक्की करे।
सिद्धारमैया कैबिनेट से क्यों हटे थे बी. नागेंद्र?
जान लें कि वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से फंड को बिना मंजूरी के दूसरी जगह प्रयोग करने के आरोपों के चलते बी. नागेंद्र ने जून, 2024 में सिद्धारमैया के मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया था। उन्हें इसी महीने 3 अगस्त को दोबारा कैबिनेट में शामिल किया गया था और योजना और सांख्यिकी विभाग के मंत्री के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी। बता दें कि बी. नागेंद्र को जुलाई, 2024 में ईडी ने गिरफ्तार भी किया था, जिसके बाद अब उन्हें दो साल बाद फिर से मंत्री बनाया गया था।
डीके शिवकुमार ने नकारी थी त्यागपत्र की संभावना की बात
हालांकि, कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार ने बीते बुधवार को स्पष्ट किया था कि मंत्री बी. नागेंद्र ने पार्टी के निर्देशों के बाद ही पहले भी अपना इस्तीफा दिया था। उन्होंने हालिया घटनाओं को “विपक्ष की चाल” बताया था। बेंगलुरु की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीके शिवकुमार ने कहा था, “यह सब विपक्षी पार्टियों की करतूत है। बी. नागेंद्र ने हमारे कहने पर पहले भी इस्तीफा दे दिया था। लेकिन अभी ऐसी कोई बात नहीं है।”
बी. नागेंद्र के कैबिनेट में शामिल होने पर हुआ था हंगामा
गौरतलब है कि इससे पहले कर्नाटक कैबिनेट में बी. नागेंद्र की वापसी पर विधानसभा में भारी हंगामा हुआ था। विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था। ऐसा इसलिए क्योंकि मंत्री बी. नागेंद्र पर मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं, जिनमें महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से करीब 90 करोड़ रुपये की कथित चोरी का मामला है। इस केस की जानकारी CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों की तरफ से दायर चार्जशीट में दी गई है।
विपक्ष के नेता आर. अशोक ने किया था धरने का ऐलान
बता दें कि कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बीते सोमवार को विधानसभा के भीतर अनिश्चितकालीन दिन-रात के धरने का ऐलान किया था और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर बी. नागेंद्र को बचाने का आरोप लगाया था। हालांकि, अब बी. नागेंद्र का इस्तीफा हो चुका है।
(इनपुट- PTI/ANI)
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