मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब विश्व “आईक्यू युग” (IQ Era) में कनेक्टिविटी के भविष्य पर विचार कर रहा है, तब भारत बुद्धिमत्ता और इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम पर खड़ा है, जहां कनेक्टिविटी की क्षमता और समावेशी नवाचार का निर्माण हो रहा है।
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का दूरसंचार परिवर्तन स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास (R&D), विश्वसनीय दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र, प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना तथा वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में गहन एकीकरण पर आधारित रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा आज जब हम बार्सिलोना में खड़े हैं तो संदेश स्पष्ट है। भारत केवल अपने 1.4 अरब नागरिकों के लिए नेटवर्क नहीं बना रहा है, बल्कि विश्व के लिए विश्वसनीय डिजिटल सेतु भी निर्मित कर रहा है। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना से प्रेरित होकर हम मानते हैं कि कनेक्टिविटी मानवता को सशक्त बनाए, साझेदारियों को मजबूत करे और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करे।
इस वर्ष ‘भारत पवेलियन’ में दूरसंचार मूल्य श्रृंखला के विभिन्न क्षेत्रों से 40 से अधिक भारतीय कंपनियां भाग ले रही हैं। इनकी उपस्थिति 4G/5G और उभरती 6G तकनीकों, ओपन RAN, ऑप्टिकल और सैटेलाइट संचार, सेमीकंडक्टर डिजाइन, एआई-आधारित नेटवर्क इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, दूरसंचार सॉफ्टवेयर और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे विविध क्षेत्रों में फैली हुई है। इस विस्तृत भागीदारी से भारत की दूरसंचार क्षमताओं पर बढ़ते वैश्विक विश्वास और तेजी से विकसित हो रहे नवाचार इकोसिस्टम का प्रतिबिंब मिलता है।
भारत पवेलियन के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल का अवलोकन किया और प्रतिनिधियों से विस्तृत संवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से SignalChip, C-DOT सहित अन्य भारतीय कंपनियों की स्वदेशी तकनीकों और अभिनव समाधानों की सराहना की। इन कंपनियों द्वारा दूरसंचार हार्डवेयर, सेमीकंडक्टर डिजाइन, एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म और अगली पीढ़ी की नेटवर्क अवसंरचना के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को उन्होंने भारत के आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत पवेलियन में भारतीय नवाचारकर्ताओं की सशक्त उपस्थिति यह दर्शाती है कि भारत सुरक्षित नेटवर्क निर्माण, एआई-संचालित दूरसंचार अवसंरचना के विकास, विश्वसनीय डिजिटल इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर दूरसंचार निर्यात के विस्तार के प्रति प्रतिबद्ध है।
यह सहभागिता वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता, विश्वसनीयता और डिजिटल नेतृत्व की सुदृढ़ पहचान को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।
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