प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों पर गंभीर आरोपों के मामलों में उनके लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहने की स्थिति में पद से हटाने का प्रावधान करने वाले 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर विचार कर रही संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) का कार्यकाल शुक्रवार को शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के प्रथम दिन तक बढ़ा दिया गया। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 और संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) 2025 पर संसद की संयुक्त समिति की अध्यक्ष और भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने रिपोर्ट पेश करने के लिए आगामी शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के प्रथम दिन तक का समय देने के लिए सदन में प्रस्ताव रखा। सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
इससे पहले समिति ने गत 17 जुलाई को अपनी मसौदा रिपोर्ट को अंगीकार करने की प्रक्रिया स्थगित करने का निर्णय लिया था। समिति की अध्यक्ष और भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने बताया कि सदस्यों का मत था कि इस विषय पर और अधिक चर्चा की आवश्यकता है, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। संयुक्त समिति का गठन 12 नवंबर 2025 किया गया था।
गृह मंत्री अमित शाह ने गत वर्ष मानसून सत्र के आखिर में विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच सदन में ये विधेयक पेश किए थे। बाद में उनके प्रस्ताव पर सदन ने तीनों विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति को भेजने का निर्णय लिया था।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.