जोश हेजलवुड लंबे समय बाद वापसी के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया है कि भारत, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका में वह टेस्ट सीरीज जीतना चाहते हैं।
मुश्किल होगी टेस्ट सीरीज
ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में लंबे समय बाद वापसी कर रहे जोश हेजलवुड ने कहा कि मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में सफलता हासिल करने की संभावना उनके लिए प्रेरणा की एक बड़ी वजह बनी हुई है। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक हेजलवुड ने गुरुवार को कहा, ”ये ग्रुप काफी लंबे समय से एक साथ है। ज्यादातर तो हैं ही। और जाहिर है कि बड़ी सीरीज इंग्लैंड और भारत के खिलाफ हैं। मैंने दक्षिण अफ्रीका में भी नहीं जीता है, इसलिए तीन (सीरीज) आने वाली हैं, जहां पर पूरे ग्रुप को कुछ बॉक्स टिक करने हैं।”
उन्होंने आगे कहा, ”तैयारी के दौरान ये आपके दिमाग में बना रहता है, यहां तक कि उससे पहले के महीनों में भी एक प्रेरणादायक कारक रहा है। ये एक बहुत बड़ी टेस्ट सीरीज है। और ये सभी घर से बाहर हैं, इसलिए प्रतियोगिता कठिन होगी। उम्मीद है कि हम काम पूरा कर लेंगे।”
वापसी पर बोलैंड होंगे बाहर
वनडे कप्तान पैट कमिंस, जॉश हेजलवुड, मिचेल स्टार्क, कैमरन ग्रीन, मार्नस लाबुशेन और ऐलेक्स कैरी के इन अधिकांश टेस्ट मैचों के साथ विश्वकप में भी खेलने की संभावना है। जॉश इंग्लिस और मैट रेनशॉ भी कई टेस्ट दौरों और द्विपक्षीय वनडे और टी- 20 सीरीज का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें ग्रीन को छोड़कर सभी खिलाड़ी 30 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के होंगे। वहीं तेज गेंदबाजों को पिछले दो वर्षों में चोट की समस्याओं का सामना करना पड़ा है और यही वजह रही कि वे 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी-20 विश्वकप में नहीं खेल सके।
जोश हेजलवुड करीब एक साल बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट खेलने वाले हैं। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच अगस्त में टेस्ट सीरीज होनी है। उनके आने से स्कॉट बोलैंड की जगह खतरे में पड़ेगी।
उन्होंने आगे कहा, ”मुझे लगता है कि (बोलैंड और मैंने) साथ में सिर्फ एक ही मैच एजबेस्टन में (2023 की एशेज में) खेला है और मैं स्कॉटी (बोलैंड) के साथ और अधिक मैच खेलना पसंद करूंगा। जाहिर तौर पर हम थोड़े एक जैसे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हमारी गेंदबाजी में अभी भी बहुत अंतर हैं।”
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