जो रूट ने फिर से इंग्लैंड का कप्तान बनने का बड़ा कारण बताया है। इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज रूट ने साल 2022 में कप्तानी छोड़ी थी। वह 65 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की कमाल संभाल चुके हैं।
‘अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं तो…’
वहीं, रूट ने ईसीबी द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए इंटरव्यू में कहा, ”अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं तो फ्लेमिंग की नियुक्ति एक बड़ा कारण थी कि मैं यह जिम्मेदारी संभालना चाहता था। मैं बहुत उत्साहित हूं कि वह गेम को कैसे देखते हैं, वह हमें एक टीम के तौर पर कहां देखते हैं, और हमें जहां पहुंचना है, वहां पहुंचने के लिए हमें क्या काम करना है। इन सब बातों ने मुझे यह इस जिम्मेदारी निभाने के लिए बहुत उत्साहित किया। मैं उनके साथ काम करने के लिए बहुत उत्सुक हूं। उनके पास बहुत अनुभव है और उन्होंने एक खिलाड़ी और एक कोच के तौर पर गेम में कुछ कमाल के काम किए हैं। मैं उनके साथ करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं, और हम साथ मिलकर कुछ बहुत खास करने की कोशिश करेंगे।” रूट ने अब तक 65 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की कप्तानी की है, जिसमें से टीम ने 27 जीते और 27 गंवाए। 11 मुकाबले ड्रॉ रहे।
‘मैंने उससे बहुत कुछ सीखा है और…’
रूट ने कहा कि 2022 में जब उन्होंने यह पद छोड़ा था, तब से अब तक वह खुद को ‘बहुत अलग’ इंसान महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मैकुलम और स्टोक्स के योगदान को कबूल किया और उनके द्वारा रखी गई नींव पर आगे बढ़ने की ख्वाहिश जाहिर की। रूट ने कहा, ”पिछले चार साल प्रोफेशनल क्रिकेट में मेरे लिए सबसे मजेदार रहे हैं। इस दौरान अहम यह रहा कि उन्होंने मुझे गेम को कैसे देखने दिया, मैं उस टीम में कैसे फिट हुआ, और मैदान पर और मैदान के बाहर हमने जो अनुभव हासिल किए। स्पष्ट रूप से पिछला कुछ समय शायद सबके दिमाग में ताजा होगा लेकिन आप चार साल के समय को देखें तो हमने बहुत सारी कमाल की चीजें कीं। मैंने उससे बहुत कुछ सीखा है और यह इसका एक बड़ा हिस्सा होगा कि मैं टीम के लीडर के तौर पर आगे कैसे चीजों को देखना चाहता हूं।” इंग्लैंड अगले हफ्ते पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम चुनेगा।
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