व्यंग्य से शुरू हुआ आंदोलन बना ‘जेन जी’ का बड़ा मंच
अभिजीत दिपके ने आज सुबह अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो मैसेज शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा कि अब कोई घबराहट नहीं है। उन्होंने इस 37 दिनों के प्रदर्शन को बहुत ही मुश्किल भरा दौर बताया। गौरतलब है कि दिपके ने मई में देश के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी पर तंज कसते हुए CJP की शुरुआत की थी। लेकिन देखते ही देखते यह एक बड़ा जन-आंदोलन बन गया, जिसने पिछले 70 दिनों में देश की ‘जेन जी’ को एक मंच पर ला खड़ा किया।
CJP Founder @abhijeet_dipke releases a video thanking everyone who made the huge victory of the youth possible.
He also thanks all critics for helping him improve, and eventually deliver on the promise of the Cockroach Janta Party’s first campaign. #ANewDay pic.twitter.com/1JQNozymLo
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 26, 2026
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जंतर-मंतर पर गूंजा ‘इंकलाब’
देखते ही देखते हजारों समर्थक दिल्ली के दिल कहे जाने वाले जंतर-मंतर पर जुटने लगे। NEET पेपर लीक और अभ्यर्थियों की आत्महत्या के मुद्दे पर नाराज छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया और जंतर-मंतर ‘इंकलाब’ के नारों से गूंज उठा। जैसे-जैसे मांग पूरी होने में देरी हुई, वैसे-वैसे आंदोलन से हजारों नए युवा जुड़ते चले गए।
बीमारी के बावजूद डटे रहे दिपके
आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा, धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया और सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने की बात मान ली। इसके बाद CJP ने अपना आंदोलन वापस ले लिया। दिपके ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि यह राह बिल्कुल आसान नहीं थी। उन्होंने टाइफाइड और तेज बुखार होने की वजह से कल जंतर-मंतर पर सभी का पर्सनली शुक्रिया न अदा कर पाने के लिए माफी भी मांगी।
उन्होंने कहा, “जो लोग 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर डटे रहे, मैं आप सभी का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। आपने इस देश और शिक्षा व्यवस्था के लिए जो किया है, वह वाकई काबिले तारीफ है।”
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आलोचनाओं ने हमें और बेहतर बनाया
अभिजीत दिपके ने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने इस आंदोलन और उनकी रणनीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि सही और जायज आलोचनाओं ने ही उन्हें हर कदम पर बेहतर काम करने में मदद की, जिसकी वजह से यह आंदोलन सफल हो पाया।
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