इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एलान किया कि वो अपनी सरकार के सामने एक प्रस्ताव पेश करेंगी.. इस प्रस्ताव में स्कूलों में हर क्लास में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने और वहां बुर्का और नकाब पर रोक लगाने की बात होगी। मेलोनी ने रोम में अपनी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ़ इटली’ के युवा संगठन की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये एलान किया है। नियमों के तहत विदेशी छात्रों के उन पेरेंट्स को इटैलियन भाषा की क्लास करनी होगी जिनके बच्चों को स्कूल व्यवस्था में घुलने-मिलने में दिक्कत है। कानून बनने के लिए सरकार की मंजूरी के बाद संसद से 60 दिनों के भीतर संसद से मंज़ूरी लेनी होगी। अभी फ्रांस और चीन समेत दुनिया के 24 देशों में बुर्का और नकाब पर बैन है।
जॉर्जिया मेलोनी के 3 प्रस्ताव
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 2027 के चुनाव से पहले अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए ये सबसे बड़ा ऐलान किया है। मेलोनी ने ये ऐलान जेन-जी के बीच किया और जमकर तालियां बटोरीं। रोम में अपनी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली के यूथ प्रोग्राम में मेलोनी ने स्कूलों के अंदर चेहरा ढकने वाले बुर्का और नकाब पर रोक लगाने के प्रस्ताव का ऐलान किया। साथ ही ये भी ऐलान कर दिया कि इटली में आने वाले छात्रों को इटली की भाषा को कल्चर का सम्मान करना होगा। मेलोनी ने तीन बड़े प्रस्तावों का जिक्र किया-:
- पहला: इटली के स्कूल-कॉलेजों में कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या को कानूनी रूप से सीमित किया जाएगा
- दूसरा: जिन विदेशी छात्रों के परिवारों को स्कूल व्यवस्था में ढलने में कठिनाई हो रही है, उनके माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य होगा।
- तीसरा: स्कूलों के भीतर चेहरा ढकने वाले बुर्का और नकाब को इटली में बैन किया जाएगा
इटली में अगले साल चुनाव
आपको बता दें कि इटली में अगले साल 2027 में आम चुनाव होने वाले हैं। पीएम मेलोनी ने हाल ही में अपनी सरकार के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने का जश्न मनाया है। हाल ही में मेलोनी ने इटली के युद्ध-बाद के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी बनाया था। 2027 के आम चुनावों से पहले मेलोनी ऐसे मुद्दों की तलाश में हैं जो उनकी लोकप्रियता की बुलंदी बरकरार रख सकें। इटली में माइग्रेशन और राष्ट्रीय पहचान हमेशा से सबसे बड़े और संवेदनशील चुनावी मुद्दे रहे हैं और मेलोनी नहीं चाहती कि उनके विरोधी इन मुद्दों के सहारे सत्ता में वापसी कर लें।
‘जो भी इटली आना चाहता है, उसे…’
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा- “हमारे लिए जो भी इटली आना चाहता है और अपना भविष्य बनाना चाहता है उसे हमारी भाषा सीखनी होगी, हमारी संस्कृति को समझना होगा और हमारे नियमों का सम्मान करना होगा। उनके स्वागत का यही गंभीर तरीका है। इसीलिए मंत्रिपरिषद में एक प्रस्ताव रखा जाना है जो कानूनी तौर पर हर कक्षा के मुताबिक विदेशी छात्रों की संख्या तय करेगा। मेरा मलतब है एक अधिकतम संख्या। इसके साथ ही इसके मुताबिक विदेशी छात्रों के अभिभावकों के लिए इतालवी सीखना अनिवार्य बनाता है जिन्हें स्कूल के सिस्टम में घुलने मिलने में कठिनाई होती है और ये स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाता है। आप सहमत हैं..मुझे लगता है कि आप सहमत हैं क्योंकि आप स्कूल में बिना ढके हुए चेहरे के साथ जाते हैं और क्योंकि इटली में किसी सच्ची या कथित परंपरा के नाम पर ये फैसला नहीं कर सकते कि किसी युवा महिला को खुद को छिपा कर रखना चाहिए।
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