अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने एनरिच्ड (संवर्धित) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। अमेरिका का मानना है कि इसी का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से यह भी कहा कि दोनों देश शांति समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत बहुत सफल चल रही है और समझौते की संभावना काफी ज्यादा है। ट्रम्प ने कहा कि अगर यह डील हो जाती है, तो तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी, होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा और हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है, तो वे पाकिस्तान की यात्रा भी कर सकते हैं। वहीं, इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। यह युद्धविराम भारतीय समयानुसार गुरुवार देर रात 2:30 बजे से लागू हो गया है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद यह सहमति बनी। परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब ईरान यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु बम भी। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि उसे कितना एनरिच यानि कि शुद्ध किया गया है। प्राकृतिक यूरेनियम में काम का हिस्सा बहुत कम होता है, इसलिए उसे मशीनों (सेंट्रीफ्यूज) के जरिए स्टेप बाय स्टेप शुद्ध किया जाता है। इसी प्रक्रिया को ‘यूरेनियम एनरिचमेंट’ कहते हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी IAEA की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास कुल मिलाकर करीब 5 से 6 टन के बीच एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। हालांकि, यह इतना एनरिच्ड नहीं है कि इससे परमाणु हथियार बन सके। अभी 120 से 130 किलोग्राम के आसपास 60% तक एनरिच्ड किया जा चुका है। अगर यह एनरिच्डमेंट 90% तक कर लिया गया तो इससे परमाणु हथियार बनाया जा सकता है। इसलिए अमेरिका और इजराइल, ईरान पर परमाणु कार्यक्रम सीमित करने और एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने का दबाव बनाते रहे हैं। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. इजराइल-लेबनान सीजफायर डील: अमेरिका की पहल पर इजराइल और लेबनान शुक्रवार से 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। इसका मकसद स्थायी सुरक्षा और शांति समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाना है। 2. सीजफायर की शर्तें: अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार रहेगा, लेकिन वह लेबनान के खिलाफ जमीन, हवा या समुद्र से कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं करेगा। वहीं लेबनान सरकार पर दबाव है कि वह हिजबुल्लाह को इजराइल पर हमले करने से रोके, हालांकि हिजबुल्लाह पर उसका सीधा नियंत्रण नहीं है। 3. ईरान-अमेरिका बातचीत: ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर समझौता बहुत करीब है। उनके साथ पाकिस्तान में बातचीत जल्द ही फिर शुरू हो सकती है। 4. अमेरिकी मिलिट्री एक्टिविटी: अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में तैनात सैनिक फिर से हथियारों से लैस हो रहे हैं और अगर ईरान के साथ बातचीत फेल होती है, तो वे दोबारा लड़ाई के लिए तैयार हैं। 5. ट्रम्प को राहत: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकने वाला प्रस्ताव 213-214 वोट से खारिज कर दिया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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