Highlights
- इराक बोला, अमेरिकी-सऊदी हमलों की न मंजूरी दी, न पहले से कोई जानकारी थी।
- ट्रंप के दावों को इराक ने खारिज किया, सरकार ने आधिकारिक तौर पर किया विरोध।
- इराक ने सऊदी से सबूत मांगे, कहा- ड्रोन हमलों के आरोपों का कोई प्रमाण नहीं।
बगदाद: इराक ने अपने देश में ईरान समर्थित लड़ाकों पर हुए अमेरिका और सऊदी अरब के संयुक्त सैन्य हमलों को लेकर बड़ा बयान दिया है। इराकी सरकार ने साफ कहा है कि उसने इन हमलों की न तो कोई मंजूरी दी थी और न ही उसे पहले से इनके बारे में कोई जानकारी थी। इन हमलों में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज यानी कि PMF के कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने इस घटना के बाद अपनी प्रस्तावित सऊदी अरब यात्रा भी फिलहाल टाल दी है।
‘सरकार को इन हमलों के बारे में जानकारी नहीं थी’
इराक की सरकार के प्रवक्ता हैदर अल-अबूदी ने कहा कि
‘इराकी सरकार ने अपनी सीमा के भीतर किसी भी स्थान या समूह पर हमला करने की कोई अनुमति नहीं दी है। सरकार को इन हमलों की पहले से कोई जानकारी भी नहीं थी।’
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि यह सैन्य कार्रवाई इराकी नेतृत्व के साथ समन्वय करके की गई थी। हालांकि, इराक ने ट्रंप के इस दावे को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। इससे पहले बुधवार को भी इराक ने इन हमलों की आधिकारिक रूप से निंदा की थी।
‘आरोपों के समर्थन में सबूत दे सऊदी अरब’
इस बीच, इराक ने सऊदी अरब से उन आरोपों के समर्थन में सबूत भी मांगे हैं, जिनमें कहा गया है कि इराक में मौजूद ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों ने सऊदी अरब पर ड्रोन हमले किए थे। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि सोमवार और मंगलवार को इराक की जमीन से उड़ाए गए ड्रोन ने राजधानी रियाद और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था। हालांकि, इराकी प्रधानमंत्री के प्रवक्ता सबाह अल-नुमान ने कहा कि अब तक किसी भी पक्ष ने इन आरोपों के समर्थन में कोई सबूत उपलब्ध नहीं कराया है।
‘इराक के भीतर किसी का भी हमला बर्दाश्त नहीं’
अल-नुमान ने यह भी दोहराया कि इराक अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी गैर-सरकारी या सशस्त्र समूह द्वारा दूसरे देशों पर हमला करने के लिए नहीं होने देगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इराक किसी भी विदेशी सैन्य कार्रवाई या अपनी संप्रभुता के उल्लंघन को भी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा,
‘सरकार इराक के भीतर से किसी भी एकतरफा कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगी। साथ ही, वह देश की सीमाओं के बाहर से होने वाले किसी भी उल्लंघन को भी स्वीकार नहीं करेगी।’
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को देखते हुए इस समय पूरे मध्य पूर्व में जबरदस्त तनाव फैला हुआ है। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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