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इजराइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इसका असर भारत के तेल, शेयर बाजार और सोना-चांदी की कीमतों पर दिख सकता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के बंद होने की आशंका है। इससे भारत को हर महीने होने वाली तेल सप्लाई का आधा हिस्सा खतरे में पड़ जाएगा।

यह सुप्रीम लीडर खामेनेई के घर पर हुए हमले की सैटेलाइट फोटो है। हमले के बाद घर मलबे में तब्दील हुआ नजर आ रहा है। (सोर्स-NYT)
होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक होने का असर आम आदमी पर भी पड़ेगा…
एनालिटिक्स फर्म केपलर के डेटा के मुताबिक, जनवरी-फरवरी 2026 में भारत ने अपनी जरूरत का करीब 50% कच्चा तेल इसी रास्ते से मंगवाया है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो कच्चे तेल की सप्लाई अचानक गिर जाएगी और कीमतें तेजी से बढ़ेंगी।
- महंगाई: कच्चा तेल महंगा होने से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं। चूंकि देश में फल, सब्जियां, दूध और अनाज जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई ट्रकों से होती है, इसलिए डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की कॉस्ट बढ़ जाएगी। इससे खुदरा महंगाई ऊपर जाएगी।
- शेयर बाजार: महंगाई बढ़ने से कंपनियों का मुनाफा घटता है। ऐसे में निवेशक उनके शेयर बेचना शुरू कर देते हैं, जिससे बाजार में गिरावट आती है। इसके अलावा, युद्ध जैसे तनाव के समय विदेशी निवेशक भी बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित जगह निवेश करते हैं।
- सोना-चांदी: युद्ध के समय निवेशक शेयर बाजार या करेंसी पर भरोसा नहीं करते। वे अपना पैसा ‘सोने’ में सुरक्षित मानते हैं। मांग बढ़ने से इसकी कीमत बढ़ती है।

एक्सपर्ट बोले- 150 डॉलर तक जा सकता है कच्चा तेल
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ईरान इस रास्ते को सिर्फ एक दिन के लिए भी ब्लॉक करता है, तो इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें $120 से $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत $66 के करीब है।
केपलर लिमिटेड की सीनियर क्रूड एनालिस्ट मुयू जू के मुताबिक, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने की कोशिशों से सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो जाएगी। फरवरी में सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच तेल की कीमतें पहले ही 6 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं।
ब्लूमबर्ग के विश्लेषण के अनुसार, अगर यह रूट असुरक्षित होता है, तो तेल टैंकरों को पश्चिमी नौसेना के संरक्षण में चलना पड़ेगा। इससे शिपमेंट की रफ्तार धीमी हो जाएगी।
दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा होर्मुज से गुजरता है
होर्मुज स्ट्रेट करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। इसके दोनों मुहाने करीब 50 किमी चौड़े हैं, जबकि सबसे संकरा हिस्सा करीब 33 किमी चौड़ा है। इसमें आने-जाने वाले समुद्री ट्रैफिक के लिए 3 किमी चौड़ी शिपिंग लेन तय है।
- दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। ईरान के अलावा सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं।
- भारत के कुल ‘नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट’ का 10% से ज्यादा हिस्सा इसी रास्ते से सप्लाई होता है। इसमें बासमती चावल, चाय, मसाले और इंजीनियरिंग का सामान शामिल है।
- हर दिन लगभग 1.78 करोड़ बैरल से 2.08 करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस रूट से जाता है। ईरान खुद रोजाना 17 लाख बैरेल पेट्रोलियम इस रूट से निर्यात करता है।

होर्मुज बंद हुआ तो ईरान को भी नुकसान होगा
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से ईरान की अपनी इकोनॉमी भी तबाह हो सकती है क्योंकि वह खुद अपना तेल एक्सपोर्ट नहीं कर पाएगा। इसके अलावा, ईरान के तेल का सबसे बड़ा खरीदार चीन है।
अगर सप्लाई बाधित होती है, तो चीन के साथ ईरान के रिश्ते बिगड़ सकते हैं। डेटा के मुताबिक, 2025 में ईरान ने इस रास्ते से 2018 के बाद सबसे ज्यादा तेल ट्रांसपोर्ट किया है।
सऊदी अरब के पास ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’
होर्मुज स्ट्रेट के विकल्प के तौर पर सऊदी अरब के पास ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ है। यह 746 मील लंबी पाइपलाइन देश के एक छोर से दूसरे छोर (रेड सी टर्मिनल) तक जाती है।
इसके जरिए रोजाना 50 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा जा सकता है। भारत और अन्य एशियाई देश इस तरह के वैकल्पिक रास्तों और सुरक्षित भंडारों पर नजर बनाए हुए हैं।
भारत दूसरे देशों से बढ़ा रहा तेल का इम्पोर्ट
सरकार इस संभावित संकट से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, भारत खाड़ी देशों के बाहर के सप्लायर्स से तेल की खरीदारी बढ़ा रहा है। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर भारत अपने ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) से भी तेल निकाल सकता है।
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अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इसके बाद ईरान में 40 दिन का शोक घोषित किया गया है। रविवार सुबह लोग सड़कों पर रोते और बिखलते नजर आए। सरकार से जवाबी कार्रवाई का नारा लगाते दिखे।
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