US-Israel Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को एक सप्ताह से ज्यादा समय हो गया है. यह युद्ध केवल हथियारों से नहीं लड़ा जा रहा है. हथियारों के साथ-साथ साइबर फ्रंट भी पर भी युद्ध चल रहा है और दोनों तरफ से ऐप्स और वेबसाइट को निशाना बनाया जा रहा है. फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होते ही इजरायल ने ईरान में पॉपुलर नमाज का टाइम बताने वाली बाद-ए-सबा ऐप को हैक कर लिया था.
कैसे काम करती है बाद-ए-सबा ऐप?
यह ऐप एक धार्मिक कैलेंडर की तरह काम करती है. इसमें इस्लामिक कैलेंडर दिखाया गया है और यह यूजर्स को दिन में पांच वक्त की नमाज के समय अलर्ट भेजती है. साथ ही यह दूसरे धार्मिक मौकों के बारे में भी यूजर्स को नोटिफाई करती है. 28 फरवरी को इस ऐप को हैक कर लिया गया. हैकर्स ने नोटिफिकेशन के जरिए लोगों के पास मैसेज भेजा कि मदद पहुंच चुकी है. जो लोग ईरान के लोगों को प्रोटेक्ट करने में मदद करेंगे, उन्हें माफ कर दिया जाएगा. 2-3 घंटे बाद एक और नोटिफिकेशन में लोगों से हथियार डालने की अपील की गई थी.
क्यों किया गया ऐप को हैक?
हैकर्स ने बाद-ए-सबा को हैक कर इस पर अलग-अलग मैसेज दिखाए. इन मैसेज में लिखा था कि अब हिसाब चुकाने का वक्त आ गया है. इसके अलावा आर्म्ड फोर्सेस से हथियार छोड़कर लोगों का साथ देने का मैसेज भी इस ऐप के जरिए दिखाया गया. इस ऐप को 50 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया था, जिससे पता चलता है कि इसे लाखों लोग यूज कर रहे थे. इस ऐप पर हैकिंग अटैक को इसलिए भी अहम माना गया क्योंकि इसे ईरानी शासन के समर्थक यूज करते थे. माना जा रहा है कि इसके पीछे इजरायली हैकर्स का हाथ था. इसकी एक और वजह यह भी रही कि धार्मिक ऐप होने के कारण लोग इस पर पूरा भरोसा करते हैं और इसे यूज करने वालो में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं.
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