Who is IPS KK Bishnoi: UPSC परीक्षा में 174वीं रैंक हासिल करने वाले 2018 बैच के आईपीएस केके बिश्नोई को बिजनौर का नया एसपी बनाया गया है। संभल में अपनी धाक जमाने के बाद अब वे बिजनौर के SP बने हैं।
भारत-पाक सीमा के पास छोटे से गांव में जन्म
केके बिश्नोई का जन्म 1994 में राजस्थान के बाड़मेर से अलग होकर बने नए जिले बालोतरा के धौरीमन्ना गांव में हुआ था, जो भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित है। उनके पिता सुजाना राम बिश्नोई और माता गंगा देवी किसान हैं। किसान माता-पिता ने अपनी तंगहाली के बावजूद अपने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी।
केके बिश्नोई बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होनहार थे। 14 साल की उम्र में वर्ष 2008 में उन्होंने कक्षा 8वीं में पूरे राजस्थान में पहला स्थान (टॉपर) हासिल किया था। वे छह भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं और खास बात यह है कि उनके सभी भाई-बहन सरकारी सेवाओं जैसे RAS अधिकारी, पटवारी, डॉक्टर और नर्सिंग ऑफिसर में कार्यरत हैं।
DU से पढ़ाई और विदेश मामलों के विशेषज्ञ
गांव से शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद केके बिश्नोई दिल्ली चले आए। उन्होंने दिल्ली के मशहूर सेंट स्टीफंस कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन (BA) किया, फिर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में MA की डिग्री ली। उनके पास चाइनाज स्टडीज में एमफिल की डिग्री भी है। यूपीएससी क्रैक करने से पहले वे विदेश मंत्रालय (MEA) में चीन मामलों के विशेषज्ञ के रूप में और संयुक्त राष्ट्र (UN) में भी कार्य कर चुके थे।
दूसरे प्रयास में पाई UPSC में सफलता
सिविल सेवा में जाने का सपना लेकर उन्होंने तैयारी शुरू की और यूपीएससी 2017 की परीक्षा में अपने दूसरे ही प्रयास में ऑल इंडिया 174वीं रैंक हासिल की। वे वर्ष 2018 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी बने। हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें यूपी में पहली पोस्टिंग मिली।
संभल में मिली ‘सिंघम’ की पहचान
आईपीएस बनने के बाद उन्होंने मेरठ और गोरखपुर में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने माफिया बदन सिंह बद्दो जैसे अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाया और 800 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की।
इसके बाद संभल जिले में एसपी के रूप में उनकी तैनाती हुई। संभल में 23 महीनों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने भू-माफियाओं, बच्चा तस्करों और उपद्रवियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की कि लोग उन्हें ‘संभल का सिंघम’ कहने लगे। संभल में शाही जामा मस्जिद विवाद और हिंसा के दौरान जिस सूझबूझ के साथ उन्होंने स्थिति को संभाला, उसकी पूरे प्रदेश में तारीफ हुई।
केके बिश्नोई की पत्नी अंशिका वर्मा भी 2021 बैच की यूपी कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में बरेली में एएसपी पद पर तैनात हैं। केके बिश्नोई की यह पूरी यात्रा छात्रों के लिए सीख है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, दृढ़ संकल्प से हर मंजिल पाई जा सकती है।
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