आज के दौर में जहां लोग थोड़ी सी शारीरिक परेशानी में भी छुट्टी ले लेते हैं, वहीं अनु बेनीवाल आठ महीने की गर्भावस्था के बावजूद सड़कों पर उतरकर ड्यूटी किया। इतना ही नहीं प्रेग्नेंसी के 9वें महीने में उन्होंने ‘रन फॉर साइबर सेफ्टी’ कार्यक्रम के दौरान दौड़ लगाकर समाज को फिटनेस का बेहतरीन संदेश दिया था।
कौन हैं आईपीएस अनु बेनीवाल?
अनु बेनीवाल मूल रूप से दिल्ली के पीतमपुरा की रहने वाली हैं। उनका जन्म 1992 में हुआ था। अनु का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। उनके पिता संजय कुमार का बटन बनाने का छोटा सा काम बीमारी के चलते ठप्प हो गया था। परिवार चलाने और बच्चों को पढ़ाने के लिए उनकी मां ने घर पर ही कपड़े सिलने का काम शुरू किया।
कैसे की UPSC की तैयारी
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से बीएससी और एमएससी करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू की थी। UPSC की तैयारी के दौरान भी मुसीबतें कम नहीं हुईं। पिता दिल की बीमारी और सुनने की समस्या से जूझ रहे थे, तो मां की न्यूरो से जुड़ी कई बड़ी सर्जरायां हुईं। इसके बावजूद परिवार ने बच्चों की पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया। अनु के भाई ने IIT दिल्ली से पढ़ाई की, जो इस बात का सबूत है कि अभावों में भी परिवार ने शिक्षा को सबसे ऊपर रखा।
चौथे प्रयास में बनीं आईपीएस
अनु खुद UPSC में तीन बार असफलताओं और कम रैंक का सामना कर चुकी थीं। 2018 पहले प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा में ही बाहर हो गईं। दूसरा प्रयास में मेन्स परीक्षा तक पहुंचीं, लेकिन फाइनल लिस्ट में नाम नहीं आया। तीसरा प्रयास में ऑल इंडिया 638वीं रैंक मिली, लेकिन वे अपनी सेवा से संतुष्ट नहीं थीं। 2022 चौथा प्रयास में आखिरकार 217वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर उन्होंने IPS बनने का अपना सपना पूरा किया। साथ ही वो मध्य प्रदेश कैडर में आईपीएस बनीं।
पति भी हैं आईपीएस
वहीं, उन्होंने मध्य प्रदेश कैडर के ही आईपीएस अधिकारी डॉ. आयुष जाखड़ से शादी की, जो मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले हैं। वो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं।
निडर कार्यशैली के लिए हैं चर्चित
अनु बेनीवाल अपने निडर कार्यशैली के लिए जानी जाती है। हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उनका निडर और बेबाक पुलिसिया अंदाज भी दिखाई दिया था। दरअसल, ग्वालियर में एक रूटीन ट्रैफिक चेकिंग के दौरान जब पुलिस टीम ने बिना नंबर प्लेट और गहरे काले शीशों वाली गाड़ी को रोका, तो चालक ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला दिया। लेकिन IPS अनु बेनीवाल का रुख बिना किसी हिचकिचाहट के एकदम साफ और सख्त था। उनके इस वीडियो ने देश को यह सीधा संदेश दिया कि कानून की नजर में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। हालांकि, अनु खुद इस घटना को बहुत साधारण मानती हैं। उनका कहना है कि पुलिस रोजाना ऐसे अनगिनत काम करती है जो कभी किसी वीडियो में नहीं आते, लेकिन कानून लागू कराना उनकी सबसे पहली प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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