इस खराब अभियान के पीछे कई कारण रहे, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के प्रदर्शन की हुई. जिनके कंधों पर गेंदबाजी आक्रमण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी, वही इस बार अपनी लय में नजर नहीं आए.
पूरे सीजन में बुमराह ने 13 मैच खेले, लेकिन सिर्फ चार विकेट ही हासिल कर सके. कई मुकाबलों में वह बिना विकेट लिए लौटे. आमतौर पर बड़े मौकों पर मैच का रुख बदलने वाले बुमराह इस बार बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल तो रहे, लेकिन विकेट निकालने में लगातार संघर्ष करते दिखाई दिए. अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो मुंबई इंडियंस ने इस सीजन बुमराह को 18 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ चार विकेट लिए. ऐसे में एक विकेट की कीमत लगभग 4.5 करोड़ रुपये बैठती है. यही वजह है कि उनका यह सीजन चर्चा का बड़ा विषय बन गया.
बुमराह ने 13 मैचों में कुल 294 गेंदें फेंकीं और 410 रन दिए. उनका गेंदबाजी औसत 102.50 रहा, जबकि स्ट्राइक रेट 73.50 का रहा. मतलब बुमराह एक विकेट लेने के लिए औसतन 73 से ज्यादा गेंदें फेंकनी पड़ीं. पूरे सीजन में वह एक भी बार दो विकेट या उससे ज्यादा का स्पेल नहीं डाल सके.
हालांकि उनकी गेंदबाजी में एक सकारात्मक पहलू भी रहा. उन्होंने 8.37 की इकॉनमी से रन खर्च किए, जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से बहुत खराब नहीं मानी जाती. लेकिन विकेट नहीं मिलने का नुकसान टीम को लगातार उठाना पड़ा, क्योंकि दूसरे गेंदबाज भी उस दबाव का फायदा नहीं उठा सके.
मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल 2026 कई सवाल छोड़ गया है. वहीं बुमराह के लिए भी यह सीजन उनके करियर के सबसे मुश्किल दौर में से एक माना जाएगा. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या वह अगले सीजन में अपनी पुरानी धार वापस ला पाते हैं और टीम को फिर से जीत की राह पर ला सकते हैं।
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