इस नए ऑर्डर के साथ आयनॉक्स विंड (Inox Wind) की कुल ऑर्डर बुक बढ़कर 4.7 गीगावाट (GW) हो गई है। इसमें कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) कंपनियां, सरकारी उपक्रम (PSU) और स्वतंत्र बिजली उत्पादक (IPP) जैसे कई बड़े ग्राहक शामिल हैं। बड़ी ऑर्डर बुक कंपनी के भविष्य के कारोबार और कमाई को लेकर मजबूत संकेत मानी जाती है।
कंपनी के सीईओ संजीव अग्रवाल ने कहा कि मजबूत और विविध ऑर्डर पाइपलाइन से आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ को अच्छा सपोर्ट मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि NLC इंडिया के इस प्रोजेक्ट को तय समय के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा। उनका कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ रहे रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी कंपनियों की मांग बढ़ रही है और आयनॉक्स विंड (Inox Wind) इसी मौके का फायदा उठाने के लिए तैयार है।
हालांकि, कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों की बात करें तो जनवरी-मार्च 2026 तिमाही (Q4 FY26) में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 45% घटकर ₹105.68 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹190 करोड़ था। वहीं, कंपनी की ऑपरेशन से आय भी 2% से अधिक घटकर ₹1,244 करोड़ रही। कुल आय में मामूली गिरावट आई, जबकि खर्च बढ़ने से मुनाफे पर दबाव देखने को मिला।
शेयर प्रदर्शन की बात करें तो 2026 में अब तक आयनॉक्स विंड (Inox Wind) का शेयर करीब 40% टूट चुका है, जबकि पिछले एक साल में इसमें 50% से ज्यादा की गिरावट आई है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए तस्वीर अलग है। पिछले 5 वर्षों में यह शेयर करीब 120% का शानदार रिटर्न दे चुका है। ऐसे में अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या ₹1,600 करोड़ का यह बड़ा ऑर्डर कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार देता है और शेयर में फिर से मजबूती लौटती है।
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