सिर्फ AI थीम की वजह से नहीं
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि यह तेजी सिर्फ AI थीम की वजह से नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही गिरावट के बाद आई वैल्यू बाइंग का भी नतीजा है। निफ्टी IT इंडेक्स अपने पिछले उच्च स्तर से करीब 35-40% तक टूट चुका था, जिससे कई अच्छी कंपनियों के शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। अब जब निवेशकों का भरोसा लौट रहा है, तो संस्थागत निवेशक दोबारा आईटी शेयरों में पैसा लगा रहे हैं और पहले से बनी शॉर्ट पोजिशन भी कवर की जा रही हैं।
हालांकि, एक्सपर्ट्स निवेशकों को थोड़ा सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं। इनरीच मनी (Enrich Money) के फाउंडर और CEO Ponmudi R के मुताबिक, सिर्फ तीन दिनों में 11% की तेजी के बाद शेयर के कई तकनीकी संकेतक ओवरबॉट जोन (Overbought Zone) में पहुंच रहे हैं, यानी इतनी तेज रैली के बाद कुछ समय के लिए मुनाफावसूली या कीमतों में ठहराव देखने को मिल सकता है। उनका मानना है कि अगर शेयर कुछ समय तक स्थिर रहता है तो आगे की तेजी के लिए मजबूत आधार तैयार हो सकता है।
क्या कहते हैं मार्केट एनालिस्ट?
दूसरी ओर शेयर.मार्केट बाय फोनपे (Share.Market by PhonePe) के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियों के पास AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का भारी खर्च नहीं है, इसलिए वे महंगे AI निवेश के जोखिम से काफी हद तक बची हुई हैं। आने वाले समय में ये कंपनियां AI लागू करने, डेटा मैनेजमेंट, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी सेवाओं के जरिए फायदा उठा सकती हैं।
शेयर खरीदें, बेचें या होल्ड करें?
अब सवाल है कि खरीदें, बेचें या होल्ड करें? अगर आपने पहले से इन्फोसिस में निवेश किया हुआ है तो एक्सपर्ट फिलहाल होल्ड करने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि लंबी अवधि का ट्रेंड सकारात्मक होता दिख रहा है। वहीं, नए निवेशकों के लिए सलाह है कि इतनी तेज तेजी के तुरंत बाद बड़ी खरीदारी करने के बजाय संभावित गिरावट या कंसोलिडेशन का इंतजार करना बेहतर हो सकता है। आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले, अमेरिकी टेक कंपनियों के नतीजे और इन्फोसिस की ऑर्डर बुक व मैनेजमेंट की टिप्पणी इस शेयर की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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