केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि आईटी उद्योग के कई क्षेत्रों में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में कृत्रिम मेधा (एआई) से संबंधित नौकरियों की मांग 15 से 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।
उद्योग मंडल सीआईआई के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में मंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे आईटी उद्योग निकाय नैसकॉम के साथ साझेदारी करें ताकि देश के प्रतिभाशाली लोगों को प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए तैयार किया जा सके।
वैष्णव ने कहा, ‘‘मैं अपने आईटी उद्योग के साथ लगातार संपर्क में हूं। उनका मानना है कि एआई से संबंधित नौकरियों में लगभग 15-20 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। हां, आईटी उद्योग के कई क्षेत्रों में अभी बदलाव की आवश्यकता होगी, लेकिन एआई से संबंधित नौकरियों में वृद्धि हो रही है।’’
मंत्री ने कहा कि 2047 तक डेटा सेंटर के मामले में कर छूट देने के बाद, इस क्षेत्र में निवेश में भारी उछाल आया है।
वैष्णव ने कहा, ‘‘क्षेत्र में निवेश आ रहा हैं। डेटा सेंटर अर्थव्यवस्था में लगभग 200 अरब डॉलर का निवेश आ रहा है।’’
उन्होंने कहा कि देश मौजूदा नेटवर्क के अतिरिक्त समुद्र के रास्ते तीन बड़े केबल नेटवर्क बना रहा है।
मंत्री ने कहा, ‘‘पहला नेटवर्क विशाखापत्तनम से ऑस्ट्रेलिया और फिर अमेरिका तक जाएगा। दूसरा नेटवर्क भारत के दक्षिणी तट से होते हुए पश्चिम एशिया, यूरोप और फिर अमेरिका के पूर्वी तट तक जाएगा। तीसरा नेटवर्क केप ऑफ गुड होप तक जाएगा और फिर अमेरिका तक पहुंचेगा। ये तीन बड़े समुद्री केबल नेटवर्क और कुछ अन्य नेटवर्क, जिनकी योजना अभी बनाई जा रही है, हमें डिजिटल बुनियादी ढांचे का एक बड़ा आधार प्रदान करेंगे। यह आने वाले वर्षों में हमारी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।’’
मंत्री ने कहा कि एचपी ने भारत में एआई सर्वर का विनिर्माण शुरू कर दिया है और अब उन्होंने गूगल और कुछ अन्य कंपनियों से स्थानीय स्तर पर सर्वर का उत्पादन शुरू करने का अनुरोध किया है।
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