भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज शनिवार, 15 अगस्त से शुरू हो रही है। इस सीरीज में टीम इंडिया को श्रीलंका की स्पिन हैवी टीम का सामना करना पड़ेगा जो चुनौतीपूर्ण होगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भारत के लिए यह सीरीज अहम है।
हालांकि, गॉल में खोई प्रतिष्ठा वापस हासिल करना किसी भी मेहमान टीम के लिए आसान काम नहीं है। अक्सर यहां पहुंचकर सपने टूटते रहे हैं। अगर यह बात महज अतिशयोक्ति लगे तो आंकड़े पर्याप्त हैं। श्रीलंका ने 1998 से यहां खेले गए 49 टेस्ट में से 27 में जीत दर्ज की है। उसकी इस बादशाहत में चतुर स्पिनरों की बड़ी भूमिका रही है। मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ के स्वर्णिम दौर से श्रीलंका काफी आगे निकल चुका है लेकिन उसके पास अब भी प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस जैसे स्पिनर हैं, जिन्होंने गॉल को अपना किला बना रखा है। यह स्थिति मौजूदा भारतीय टीम के लिए अनुकूल नहीं है जिसके बल्लेबाज हाल के समय में मिचेल सैंटनर और साइमन हार्मर जैसे स्पिनरों के खिलाफ बुरी तरह संघर्ष करते नजर आए हैं। हालांकि, मौजूदा टीम में उस भारतीय टीम की झलक दिखती है जो 2017 में पिछली बार टेस्ट सीरीज खेलने श्रीलंका आई थी। विराट कोहली की अगुआई वाली उस टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जो अपने करियर के मध्य चरण में थे। भारत ने उस दौरे पर 3-0 से सीरीज जीती थी जिसमें गॉल में मिली जीत भी शामिल थी। इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के दबदबे का दौर शुरू हुआ था।
मौजूदा टीम भी युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में करियर के मध्य चरण में पहुंच चुके अनुभवी खिलाड़ियों और अपनी जगह पक्की करने को बेताब युवा खिलाड़ियों से भरी है। उसे भी ऐसी ही एक चिंगारी की जरूरत है जो शीर्ष पर वापसी के उसके सफर को गति दे सके। लेकिन इसके लिए भारत को स्पिन के इस जाल से निकलने के साथ-साथ कुछ खिलाड़ियों के खराब व्यक्तिगत दौर से बाहर निकलने की उम्मीद भी करनी होगी। खासकर ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल के लिए यह अहम समय है। जुरेल को सरफराज खान पर तरजीह मिल सकती है। इन दोनों का हालिया प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा है। मध्यक्रम के इन दोनों बल्लेबाजों के बल्ले से निकलने वाले रन और श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ उनका प्रदर्शन इस टेस्ट में बेहद महत्वपूर्ण होगा। भारत को शीर्ष तीन बल्लेबाजों लोकेश राहुल, यशस्वी जायसवाल और देवदत्त पडिक्कल से भी बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। हालांकि गिल टीम की बल्लेबाजी के केंद्र में होंगे। पडिक्कल के पास साई सुदर्शन के पैर की अंगुली की चोट से वापसी करने पर भी नंबर तीन की जगह के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का सुनहरा मौका है। भारतीय गेंदबाजों के लिए भी श्रीलंकाई पिचों पर अपनी लय हासिल करना उतना ही महत्वपूर्ण होगा।
मेहमान टीम के यहां बाएं हाथ के तीन स्पिनरों कुलदीप यादव, मानव सुथार और रविंद्र जडेजा के साथ उतरने की उम्मीद है और इन सभी को सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी होगी। गॉल की पिच के बेहद मुश्किल होने की उम्मीद नहीं है। मैच आगे बढ़ने के साथ इसमें स्वाभाविक टूट-फूट आने की संभावना है। ऐसे में गेंदबाजों के लिए अपनी क्षमता पर भरोसा रखते हुए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण होगा। यहां स्पिनर गेंदबाजी का अधिकांश भार संभालेंगे लेकिन मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और उनके साथ संभावित रूप से खेलने वाले प्रसिद्ध कृष्णा को अपने छोर को नियंत्रण में रखना होगा और जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण सफलताएं दिलानी होंगी।
वहीं श्रीलंका की कोशिश लंबे समय तक लाल गेंद के क्रिकेट से दूर रहने की कमी को पूरा करते हुए भारत को कड़ी चुनौती देने की होगी। मेजबान टीम ने जून-जुलाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने से पहले करीब एक साल तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला था। कप्तान धनंजय डिसिल्वा को कैरेबियाई टीम से कहीं मजबूत भारतीय टीम के खिलाफ अपने खिलाड़ियों को एकजुट रखना होगा। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में अपना कुछ रुतबा गंवा चुका भारत भी कई मुश्किलों से जूझ रहा है और वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इन परेशानियों से बाहर निकलने की उम्मीद करेगा। मुश्किल दौर से गुजर रही दो टीमों के बीच मुकाबले ने अक्सर यादगार क्रिकेट को जन्म दिया है और इस श्रृंखल में भी ऐसा देखने को मिल सकता है।
टीम इस प्रकार हैं:
भारत: शुभमन गिल (कप्तान), लोकेश राहुल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी और सरफराज खान।
श्रीलंका: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, कामिंदु मेंडिस, दिनेश चांदीमल, पासिंदु सूरियाबंडारा, सोनल दिनूषा, निरोशन डिकवेला, रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशारा नुवंथा, मिलन रत्नायके, असिथ फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्व फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।
समय: मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा।
भाषा सुधीर
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.