भारतीय हॉकी टीम ने ग्रुप स्टेज में दो मुकाबले जीतकर अगले राउंड में जगह बना ली है, जहां उसका सामना नीदरलैंड और अर्जेंटीना से होगा।
नीदरलैंड से पार पाना मुश्किल
तीन ओलंपिक और तीन विश्व कप जीत चुकी नीदरलैंड को उसके गढ में हराने की चुनौती भारत के लिये आसान नहीं होगी। इसी मैदान पर 1973 में पहली बार विश्व कप जीतने वाली नीदरलैंड ने 1990 और 1998 में फिर खिताब जीता जबकि पिछले चार विश्व कप में भी वह दो बार रजत और दो बार कांस्य पदक जीत चुकी है । अपनी मजबूत हॉकी संस्कृति के लिये मशहूर नीदरलैंड टीम के हर मैच में दस हजार की क्षमता वाला स्टेडियम खचाखच भरा रहता है और मैदान में चारों तरफ आरेंज रंग नजर आता है हालांकि अब यह भारतीय जर्सी का भी रंग है।
भारत ने नीदरलैंड को हराया था
भारतीय टीम के लिये अच्छी बात यह है कि उसने जून में रोटरडम में एफआईएच प्रो लीग के 2025-26 सत्र के आखिरी मैच में नीदरलैंड को 3 -2 से हराया था । पहला मैच इसी अंतर से हारने के बाद भारत ने जु्गराज सिंह, अभिषेक और राजिंदर सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों के गोल के दम पर जीत दर्ज की थी।
ये तीनों खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं और खासकर अभिषेक शानदार फॉर्म में हैं जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दो बेहतरीन फील्ड गोल भी किये थे। वहीं कप्तान हरमनप्रीत अभी तक टूर्नामेंट में सर्वाधिक पांच गोल कर चुके हैं और एक बार फिर उन पर बड़ा दारोमदार होगा जबकि 420 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह और 291 मैच खेल चुके फॉरवर्ड मनदीप सिंह से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
पाकिस्तान के खिलाफ मैच जीतने के बाद मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन भी दबाव भरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से संतुष्ट दिखे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी पूरे मैच में टीम की रणनीति पर कायम रहे। फुल्टोन ने कहा, ”यह बड़ा मुकाबला था और बड़ा मौका भी। हर कोई अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रहा था। मुझे खुशी है कि हम अपनी योजना पर कायम रहे। टीम के प्रदर्शन से मैं खुश हूं। ”
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