क्या भारत ने बांग्लादेश को उसकी असली जगह दिखाना शुरू कर दिया है? यह सवाल इसलिए क्योंकि एक तरफ ढाका भारत से ज्यादा बिजली और सस्ता डीजल मांग रहा है। दूसरी तरफ वही बांग्लादेश भारत के कट्टर दुश्मनों पाकिस्तान और तुर्की के साथ मिलकर मक्का डिफेंस पैक में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। लेकिन न्यू दिल्ली अब पहले वाला भारत नहीं रहा। पिछले 24 घंटे में भारत ने जो तीन बड़े एक्शन लिए हैं और बिजली पर जो नया टैक्स यानी चार्ज ठोका है, उसने ढाका से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया। दरअसल बांग्लादेश इस वक्त अपने इतिहास के सबसे भीषण एनर्जी क्राइसिस से गुजर रहा है। ढाका की गलियों में घंटों ब्लैक आउट हो रहे हैं। मॉल्स और दुकानें बंद की जा रही हैं और इस संकट के बीच भारत की सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेशन कमीशन यानी जिसे हम सीईआरसी कहते हैं उसने एक फैसला लिया है जिसने ढाका की नींद उड़ा दी है।
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भारत ने क्रॉस बॉर्डर बिजली व्यापार पर एक नया सेटलमेंट एजेंसी चार्ज लगाने का प्रस्ताव दे दिया है। कहने को तो यह चार्ज महज 0.005 प्रति यूनिट है। लेकिन टाइमिंग देखिए जब बांग्लादेश को सबसे ज्यादा बिजली चाहिए तब भारत ने यह एडमिनिस्ट्रेटिव मैसेज दिया है। यह सिर्फ पैसा नहीं है। यह एक सिग्नल है कि आप हमारे रणनीतिक हितों को नजरअंदाज करेंगे तो भारत भी अपनी नीतियों को बिजनेस मोड में ले आएगा। बांग्लादेश एक खतरनाक खेल खेल रहा है। ढाका ने मक्का डिफेंस फैक्ट में दिलचस्पी दिखाई है।
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इस फैक्ट में कौन है?
जिस देश को हमने 1971 में आजाद कराया, आज वो पाकिस्तान के साथ डिफेंस डील करने की सोच रहा है। यह भारत की सुरक्षा के लिए एक रेड लाइन है। रिश्ते खराब होने की वजह सिर्फ डिफेंस पैक नहीं शेख हसीना का भारत में होना और ढाका द्वारा उनके प्रत्यार्पण की मांग ने आग में घी डालने का काम किया। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कह दिया कि रिश्ते म्यूचुअल इंटरेस्ट यानी बराबरी पर चलते हैं। बांग्लादेश ने डीजल की सप्लाई बढ़ाने की मांग की है। भारत फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए मदद लेकिन साल 2024 के तख्ता पलट के बाद विश्वास में कमी आई है। अब भारत के लिए यह सिर्फ एक कूटनीति नहीं अस्तित्व की लड़ाई है। बांग्लादेश हमारे चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बगल में बैठा है। अगर बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान या तुर्की के प्रभाव में आकर भारत के खिलाफ हुआ, तो हमारा नॉर्थ ईस्ट ख़तरे में पड़ सकता है। इसलिए भारत ने पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में अपनी सैन्य ताकत और इंफ्रास्ट्रक्चर को कई गुना बढ़ा दिया है। भारत अब किसी भी बैक स्टेपिंग के लिए तैयार नहीं है। ख़ैर अंत में सवाल वही है दोस्तों कि क्या बांग्लादेश को समझ में आएगा पाकिस्तान और तुर्की जैसे फेल हो रहे देशों का साथ उसे ले डूबेगा या भारत को अपनी बिजली और डीजल की सप्लाई को एक बारगेनिंग टूल की तरह इस्तेमाल करना चाहिए।
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